दुमका से शेलेन्द्र सिन्हा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाह रहे है कि वहाँ टी.बी. बीमारी को लेकर मीडिया वर्कशॉप का आयोजन दुमका जिला के लिए हॉस्पिटल में किया जा रहा है। टी.बी. के सम्बन्ध में आम लोग में जागरूकता लाने के लिए मीडिया कि भूमिका में वर्कशॉप का आयोजन किया गया।भारत में प्रति मिनट दो ब्यक्ति बलगम के द्वारा शलगणन के कारण टी.बी.का शिकार होते है।एक घनात्मक बलगम के शिकार वाले रोगी से 10-15 ब्यक्ति इस बीमारी के शिकार होते है।संशोधित रास्टीय टी.बी. नियंत्रण कार्यक्रम का लक्ष्य है रोगियो को रोगमुक्त करना। मीडिया के माध्यम से आम लोग इससे जानकारी पा कर टी.बी. हॉस्पिटल आते है और मुफ्त में इलाज और दवा प्राप्त करते है। टी.बी.क्या है? एक डॉक्टर के द्वारा बताया गया कि टी.बी.एक बहुत बड़ी समस्या है। आज जितना कैंसर, एड्स से लोग नहीं मर रहे उतना टी.बी. का शिकार हो रहे है।इसका इलाज काफी महंगा होता है पर अब सरकार के द्वारा या वर्ल्ड बैंक कि सहायता से मुफ्त में इलाज कराया जा रहा है ताकि टी.बी. पूर्णरूप से मिटाया जा सके।