उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए अगर उन्हें मायके में हिस्सा मिला तो उनके भाइयों में विवाद हो सकता है। इसलिए महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से 34 वर्षीय सविता शर्मा कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में हक़ मिलना चाहिए। संपत्ति के अधिकार से महिलाओं को वंचित कर दिया जाता है। जिस दिन महिलाओं को संपत्ति में अधिकार होगा तो उनका एक पहचान होगा

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि भूमि के कागज़ में सुधार करना जरूरी है। आने वाले पीढ़ी के लिए भूमि में सुधार करना बहुत जरूरी है ताकि आने वाले बच्चों को बहुत परेशानी होगी। जमीन को खुद के नाम से करा लेना चाहिए ताकि आगे कोई विवाद नहीं हो सके

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई महिलाओं का कहना है कि उनको संपत्ति में अधिकार चाहिए और कई महिलाओं का कहना है कि महिलाओं को जमीन में हक़ नहीं मिलना चाहिए। महिला शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण जमीन में अधिकार पाने से वंचित रह जाती हैं। लोगों को जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए ताकि उनको जमीन में अधिकार मिल सके

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर जिला से बरखा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। जिससे महिला आत्मनिर्भर बन सकें

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर जिला से सीमा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। जिससे महिला आत्मनिर्भर बन सकें

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि लोग बेटी को जमीन में अधिकार देने की बात तो करते हैं लेकिन अधिकार देना नहीं चाहते हैं। माता और पिता सोचते हैं कि बेटी को जमीन में अधिकार दे दिया जायेगा तो बेटा लड़ाई करेगा। बेटी को शादी के समय ही जमीन में अधिकार दे देना चाहिए। जमीन पर बेटा और बेटी दोनों का बराबर का अधिकार होता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि लड़कियां मायके में जमीन में हक़ मांगती हैं तो लोग उनको गलत नज़र से देखते हैं। उनको कहा जाता है कि अगर जमीन में हक़ लेना था तो शादी से पहले ही क्यों नहीं मांगी और वह भाई का दुश्मन बनने लायक बन जाती है