जिले में गैर संचारी रोगों के रोकथाम के लिए सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बीमारी के तहत कुल आबादी का 37% लोग ग्रसित हैं। हालांकि यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। उसके बाद भी यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसे लेकर सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आशा दीदी के साथ साथ जीविका दीदी को भी इस कार्यक्रम से जोड़ने और इसके संचालन के टिप्स दिए गए। इस अवसर पर जिले के सभी प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी, जिला प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं बीसीएम बीएसएम आदि और जीविका दीदी उपस्थिति थीं। कार्यशाला में लोगों को गैर संचारी रोग जैसे मधुमेह रक्तचाप आदि के बारे में गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र उपाध्याय ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आशा दीदी घर घर जाकर सभी लोगों के स्वास्थ्य फॉर्म भरने का कार्य करेगी। इसमें लोगों के रक्त चाप शुगर स्तर आदि संबंधी आंकड़े इकट्ठे किए जाएंगे। इसमें व्यक्ति के आंकड़े 4 या 4 से ज्यादा होगा उन्हें अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य पर आकर स्वास्थ्य की जांच कराने की सलाह दी जाएगी । सरकार के निर्देशों के अनुसार इसलिए किया जा रहा है। इन बीमारियों के प्रारंभिक स्तर पर ही जानकारी प्राप्त करने पर उसका इलाज भी सरल और सुगम होगा। बाद में जटिलताओं के कारण लोगों को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा ।साथ ही लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी पैदा होगी।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
