प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घाटकुसुम्भा में गैरसंचारी रोग का प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को किया गया | यह प्रशिक्षण बीसीएम संदीप कुमार के द्वारा दी गयी।आशा कर्मियों पर अब नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (गैर संचारी रोगों) पर नजर रखने की जिम्मेदारी होगी। आशा कर्मी घर-घर जाकर कैंसर, मधुमेह, हृदयवाहिका रोग और लकवा आदि के मरीजों की लक्षणों व सामान्य जांच के आधार पर ऐसे मरीजों को चिह्नित करेंगी। साथ ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाकर इलाज में मदद करेंगी। ताकि नियत समय पर ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज हो सकेगा।गैरसंचारी रोग क्या है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, गैर संचारी रोग कहलाता है। ऐसे गैर संचारी पांच रोगों की पहचान और रोकथाम के लिए आशाएं काम करेंगी। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं। पिरामल स्वास्थ्य के बिटीओ सेराज हसन ने बताया कि रोगों की पहचान व इलाज में मदद कराने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया । आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के 30 की उम्र पार कर रहे स्त्री व पुरुषों का सी बैक फार्म व फैमिली फोल्डर फार्म भरेंगी। हेल्थ सब सेंटर पर कार्यरत एएनएम फार्म को एनसीडी एप्लीकेशन पर अपलोड करेंगी। बीमारी की पुष्टि होने पर पीड़ित को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स पर लाकर इलाज शुरू किया जाएगा।इस मौके पर प्रियांशू वर्मा सीएचसी शशि रंजन कुमार, आदि उपस्थित थे।