भारतमाला परियोजना फेज टू वाराणसी से कोलकात्ता एक्सप्रेस वे में मौजा बगियारी में सरकार द्वारा रैयती जमीन का मुआवजा कम देने की शिकायत तथा उचित मुआवजा दिलाने की मांग गोमिया विधायक डॉ लम्बोदर महतो से रैयतों ने किया है. कसमार प्रखंड अंतर्गत टांगटोना पंचायत के बगियारी गांव के रैयतों ने शुक्रवार को विधायक डॉ लंबोदर महतो के पेटरवार स्थित आवास में उनसे भेंट कर एक हस्ताक्षर युक्त आवेदन दे कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. पत्र में कहा है कि भारतमाला परियोजना फेज टू में अधिग्रहण से हमलोगों के पास जमीन नहीं बचेगा. अधिग्रहण के बाद जो 2 फिट से 4 फिट जमीन बचेगा वह बेकार हो जायगा. बगियारी में 23 हजार प्रति डिसमिल की दर से मुआवजा की राशि तय किया गया है जो काफी कम है. इसी मौजा में आज से चार साल पूर्व बोकारो से नेमरा फोर लेन में 42 हजार रु प्रति डिसमिल की दर से मुआवजा की राशि तय कर भुगतान की जा रही है. फोर लेन में मकान बना कर निवास व धंधा कर सकते हैं. फोर लेन में ज्यादा मुआवाज और सिक्स लेन में कम मुआवाज देने की बात तय हुआ है बगियारी मौजा बहादुरपूर से सेवती तक की पक्की सड़क के किनारे सटा हुआ है. यहां पर रैयती जमीन 70-80 हजार रूपये प्रति डिसमिल बिक रही है. यह भी कहा है बगियारी की जमीन सीएनटी एक्ट के दायरे में आती है. कहा है कि एनएचएआई के पदाधिकारीयों ने सर्वे रिपोर्ट गलत दिया है एवं नोटिस भी गलत तैयार किया गया है. इसी पंचायत के नावाडीह मौजा में 42 हजार रु प्रति डिसमिल कीदर से भुगतान की जा रही है. इसके पूर्व भू- अर्जन पदाधिकारी बोकारो को आपत्ति पत्र दिया गया है. बगियारी के रैयतों ने प्रति डिसमिल 80 हजार रु मुआवजा दिलाने की मांग विधायक से की है. रैयतों ने बोकारो उपायुक्त को भी आवेदन दे कर उचित मुआवजा की मांग की है. विधायक ने इस सन्दर्भ में भू अर्जन पदाधिकारी से फोन पर बातें कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.