पिछले तीन चुनावों से देखा जा रहा है कि मात्र एक हजार मानदेय पाने वाले मुखिया गण पांच साल के कार्यकाल में ही लाखों रूपए अर्जित कैसे कर लेते हैं स्वाभाविक रूप से यह कमाई अबैध तरीके से की जाती है उसी का यह एक उदाहरण है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।