झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से अंजलि मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े समान्य मुद्दों में शारीरिक अखंडता का अधिकार, यौन हिंसा से मुक्ति , मतदान का अधिकार ,कानूनी अनुबंधन में प्रवेश करने का अधिकार ,उचित मजदूरी या समान वेतन ,प्रजनन और शिक्षा का अधिकार शामिल है

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से अंजलि मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि संपति का अधिकार हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पैतृक संपत्ति में बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त है। कार्यस्थल के अधिकार समान कार्य के लिए समान वेतन मतृ लाभ अधिनियम अधिनियम सम्मान कार्य के लिए समान वेतन मत अधिनियम 1961 के तहत गर्भ व्यवस्था के दौरान अवकास किया है

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से दीपक यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम उन्नीस सौ छप्पन की धारा चौदह के तहत परिवर्तित होने के कारण वह प्राथमिक उत्तराधिकारी के रूप में पति की सम्पत्ति की हकदार है और उसके हिस्से की प्राकृतिक हिस्से के समान है। यह हिस्सा काल्पनिक विभाजन द्वारा निर्धारित किया गया और वह प्रथम श्रेणी के पूर्ण उत्तराधिकारी के रूप में असली हक़दार हैं

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत में महिला कार्य बल भागीदारी दर में खासी वृद्धि देखी गयी है। दो हज़ार सत्रह से अठारह से और दो हज़ार तेईस से चौबीस के बीच महिला रोजगार दर करीब दोगुनी हो गयी है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक महिला श्रम बल भागीदारी दल दो हजार सत्रह से अठारह में तेईस पॉइंट तीन प्रतिशत से बढ़कर दो हजार तेईस से चौबीस में इकतालीस पॉइंट सात प्रतिशत हो गई है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से अंजलि मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षित करना जरूरी है। महिलाओं को स्वयं निर्णय लेने के लिए आर्थिक स्वतंत्रता बहुत जरूरी है। महिलाओं को आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए और अधिकारों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। इसके लिए परिवार और समाज को महिलाओं का समर्थन करना चाहिए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि घर और बाहर के मामलों में चाहे वह वित्तीय हो या व्यक्तिगत महिलाओं को निर्णय लेने में समान भागीदार बनाना चाहिए। सुरक्षित वातावरण समाज और कानून को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहाँ महिलाएं सुरक्षित महसूस करे जिससे वे निर्भीक होकर निर्णय ले सके। इन कदमों को अपना कर महिला आत्मनिर्भर बन सकेंगी