झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला के लोअर बाजार से गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिला और पुरुषों की असमानता की बात पूर्वजों से चला आ रहा है। काम का बंटवारा में भी ऐसा बंटवारा किया गया है जहाँ पर महिलाओं को ज्यादा विकास ना हो, बौ्धिक विकास ना हो, मशीनरी विकास ना हो आदि। कारखाना में काम का बंटवारा में देखा गया है कि जितनी महिला काम करने के लिए गई है उनको काम में चुनने और फटकने वाला काम दिया गया है। वो सूप से फटकेगी, चुनेंगे जितना कंकड़ है उसको चुनेगी, फटकेगी और झाड़ू देगी ,उनको ऐसा काम दिया गया है जिससे उनका विकास न हो सके। वो छोटी चीज में सिमित रह जाए और पुरुषों को मशीन चलाने का काम दिया गया है। वो मशीन चलाएंगे ,मशीन का मरम्मती करेंगे, मशीन कैसे बनता है वो जानेंगे ,तो इस तरह करके काम का बंटवारा करके महिलाओं को विकास का अवरोध बना के रखा गया है । महिला भी मशीन बना सकती हैं । महिला भी मशीन का मरम्मत कर सकती हैं। इसलिए काम का बंटवारा महिला और पुरुष दोनों को बराबर होनी चाहिए।