झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से आलम अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मानवाधिकारों की 1948 की सार्वभौमिक घोषणा में कहा गया है कि सभी मनुष्य स्वतंत्र और समान अधिकारों के साथ पैदा होते हैं।इसलिए लिंग की परवाह किए बिना सभी लोगो को संतरता,गरिमा और समान अधिकारों का हक है।फिर भी हर दिन और पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों को भेदभाव और मानवाधिकारों के गंभीर उलंघन का सामना करना पड़ता है।
