मेरा नाम भिपाल सिंह है , मेरे गाँव में एक नहर है , नहर में एक पुल है,वहाँ कोई पुल नहीं है जिसकारण आना - जाना मुश्किल है ।

वर्षो से जलमग्न मार्ग पर पुलिया बनाने की ग्रामीणों द्वारा मांग पर मंजूर हुई पुलिया निर्माण कार्य शुरू

शाहजहांपुर ,मैं रामचंद सिंह मोवालवानी से बात कर रहा हूं । ई - गवर्नेंस का सबसे अच्छा उदाहरण कलान तहसील क्षेत्र के एक बीटा जंगल से कंचरपुर तक जाने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर की सड़क है । यह सड़क अभी तक पक्की नहीं हुई है । बेथा जंगल के निवासी राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता इटाई के प्राचार्य विष्णु दत्त द्विवेदी ने इस सड़क को पक्का करने के लिए सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क किया । मुख्यमंत्री ने स्वयं सड़क को मंजूरी दी और अब इस सड़क का निर्माण शुरू हो गया है । लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है । कंचरप गाँव के दक्षिण में गंगा नदी है और उत्तर में कोई सड़क नहीं है । दस - बीस साल पहले एक कच्ची सड़क बनाई गई थी , जो बारिश में बाहर जाने लायक भी नहीं है । इसे ध्यान में रखते हुए विष्णु दत्त द्विवेदी ने सबसे पहले कहा , जन - प्रतिनिधियों ने इस सड़क के निर्माण के लिए चक्कर लगाए , लेकिन वहां से कोई सफलता नहीं मिली ।

शाहजहांपुर ,मैं रामचंद्र सिंह हूँ , मोबाइल वार्ड से बोल रहा हूँ । कच्चा सड़क ने ग्रामीणों की आवाजाही में आठ किलोमीटर की वृद्धि की है । कलाम टिहरी क्षेत्र के खजुरी गणेशपुर गांव की सड़क ग्रामीणों के लिए समस्या बन गई है । डेढ़ किलोमीटर की इस कच्ची सड़क के कारण बारिश होने पर ग्रामीणों को आठ किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है । ग्रामीणों ने कई बार प्रशासनिक प्रकोष्ठ लेकर जन - प्रतिनिधियों से शिकायत की , लेकिन किसी ने भी ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया । खजुरी ग्राम पंचायत से गणेशपुर के रास्ते में कलाम के विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं । मीटर वाली सड़क कच्ची है , लोग हमेशा की तरह गाँव जाने के लिए आवागमन करते हैं , लेकिन एक पाइप पुलिया के कारण ग्रामीणों की डेढ़ किलोमीटर की दूरी 8 किलोमीटर में बदल जाती है । ग्रामीणों के अलावा छात्रों को 8 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है ।

शाहजहांपुर ,गाँव संघ के ग्रामीणों ने गाँव तक चार खंभों से सड़क बनाने की मांग उठाई और उच्च अधिकारियों को एक याचिका भेजी । आज शाहजहांपुर जिले की तहसील जलालाबाद क्षेत्र के गाँव संघ के ग्रामीण चार खंभे हैं वे गाँव की ओर जाने वाली सड़क पर एकत्र हुए , जहाँ उन्होंने प्रदर्शित किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा साढ़े पाँच किलोमीटर की सड़क को मंजूरी दी गई थी , जिस पर काम चल रहा था , और उनके गाँव को चित्रों से जोड़ा जा रहा था । जहां चक सड़क नहीं है , वहां किसी की खेत की जमीन से जबरन सड़क नहीं हटाई जा सकती और लगभग आधा दर्जन गांवों के लोगों को इस सड़क से दो किलोमीटर पैदल चलना होगा । वे मांग करते हैं कि चित्रू से शंघाह तक सड़क बनाने के बजाय चरखंबा से शंघाह तक पक्की सड़क बनाई जाए ताकि कुंद्रा , चंगाह , कटारमई , केलापुर , हवामदिया आदि गांवों के लगभग पंद्रह हजार लोगों को लाया जा सके ।

दुखद

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला शाहजहांपुर से राम निवास शर्मा , कटेली गाँव में पीडब्ल्यूडी सड़क में खराब निर्माण कटेली गाँव में पीडब्ल्यूडी सड़क में खराब निर्माण ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद इलाके में पीडब्ल्यूडी ग्राम पंचायत डेर के गांव कटेली में एक सड़क का निर्माण कर रहा है । जहां आर . सी . सी . सड़क का निर्माण 100 मीटर किया जा रहा है , वहीं लोक निर्माण विभाग का ठेकेदार घटिया सामग्री और खराब गुणवत्ता वाली सड़क का निर्माण कर रहा है , जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया है । उस सीमेंट को मानक के अनुसार मोरंग में नहीं मिलाया जा रहा है । मोरंग में धूल मिलाई जा रही है । जब पीडब्ल्यूडी के मेट जबरशेर से संपर्क किया गया , जो निर्माण कार्य कर रहे हैं , तो उन्होंने कहा कि पीपी एससी ठेकेदार ने सीमेंट लगाने से इनकार कर दिया है , लेकिन ठेकेदार के लोग हमारी बात नहीं सुन रहे हैं , जबकि पीडब्ल्यूडी जे . ई . राम अवतार ने कहा कि ओ . पी . एस . सीमेंट को पी . पी . एस . सीमेंट के रूप में लगाया जाना चाहिए । ऐसा लग रहा था कि हमने सीमेंट को बदल दिया है , बोर्ड परीक्षा में सेक्टर मजिस्ट्रेट के काम के कारण वे साइट पर नहीं जा पा रहे हैं और जांच के तुरंत बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

अच्छा कार्य

गाव में विधायक स्वर्गीय श्री मानवेंद्र सिंह जी के। दारा पुलिया व गांव में PW rod ka निर्माण और गांव बलो ने आभार जताया

जन समस्या