उत्तरप्रदेश राज्य के जिला संत कबीर नगर से के.सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि आज कल देखा जा रहा है की युवाओं में मानसिक बिमारी बढ़ती जा रही है।बीमारी की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के अवसर और इसके साथ ही साथ उचित चिकित्सा या क्षेत्र में परामर्श केंद्र भी बनाया जाना चाहिए।जिससे मेंटल हेल्थ का सही रूप से इलाज हो सके। मेंटल हेल्थ आज ऐसी बीमारी बनती जा रही है जो समाज में अभशाप बनता जा रहा है।किसी न किसी दिन आने वाले समय में मेंटल हेल्थ लोगों के लिए बहुत ही खतरा पैदा कर देगा और देखा जाए तो लगभग पांच प्रतिशत लोग मेंटल हेल्थ से पीड़ित हैं।तो ऐसे में सरकार द्वारा भी मानसिक हेल्थ के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
यौन उत्पीड़न हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है और बहुत से लोग इसका शिकार भी हो जाते हैं . हम समझते है की केवल साबधानी बरतने से ही ऐसे परिस्थितिओं को हमेशा नहीं टाला जा सकता है बल्कि सामाजिक बदलाव से ही इस समस्या को जड़ से ख़तम किया जा सकता है। ऐसे में , आप को क्या लगता है की किस तरह का बदलाव हमारे समाज को एक सुरक्षित और बेहतर समाज बनने में मदद कर सकती है ? और क्या केवल कड़े कानून लागु करने से ही यौन उत्पीड़न के शिकार हुए लोगो को इन्साफ दिलवाया जा सकता है ? यौन उत्पीड़न के शिकार हुए लोगो के प्रति वर्तमान में दिखने वाले सामाजिक प्रतिक्रियों पे आप का क्या राय है ?
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के . सी . चौधरी ने मोबाइल वाणी ले माध्यम से बताया कि मानसिक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक होना चाहिए।अपने दिनचर्या के साथ समय का भी ध्यान रखें।
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू बैगन की खेती के लिए किस्मों का चयन और नर्सरी तैयार करने के सम्बन्ध में जानकारी दे रहें हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से गरिमा त्रिपाठी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य लोगों के जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।लेकिन दोनों में बुनियादी अंतर होते हैं। मानसिक स्वास्थ और लोगों की भावनाओं का विचार और मानसिक कल्याण को संदर्भित करता है।
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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई लोगों का मानना है कि मानसिक रोग आनुवंशिक कारणों से,नशा करने से होता है।बच्चे के मेन्टल हेल्थ के लिए माता- पिता भी जिमीदार होते हैं।माता -पिता के नशा करने का गलत प्रभाव बच्चों पर पड़ता है।लोगों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और अपने भोजन पर भी ध्यान देना चाहिए।कई बच्चे अधिक मोबाइल और टीवी चलाते हैं जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
हर व्यक्ति को जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर ऐसे पियर प्रेशर यानि की अपने साथियों के दबाद का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आपके अनुसार या दबाव हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है ? कई बार दोस्तों के दबाव में आकर लोग ऐसे काम करने को आगे बढ़ जाते हैं जो पूरी तरीके से सही नहीं होता है लेकिन सब जानते समझते हुए भी अपने दोस्तों को ना नहीं कह पाते है। आखिर इसके पीछे क्या कारण होता है ? और क्या आपने कभी ऐसे दबाव का सामना किया है ?
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला संत कबीर नगर से के.सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लोग अपने खान- पान, रहन -सहन और व्यर्थ की चिंता के कारण मानसिक बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।मानसिक बीमारी एक ऐसी बीमारी है जो दिमाग में बैठ जाती है।उसको निकालना मुश्किल होता है इसलिए लोगों को चाहिए की समय समय पर व्यायाम करें और समय से भोजन लें।किसी तरह की चिंता हो तो उसे काफी गंभीरता से ना लेें
