उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला सम्पत्ति के अधिकार को लेकर तरह - तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए। कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। लेकिन अगर देखा जाए तो सरकार को भी इस पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए। जब तक सरकार इस पर कड़ा रुख नहीं लेती, तब तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है। महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। आज समाज में देखा जा रहा है कि कई महिलाएं दहेज हत्या का शिकार हो रही हैं। तो कानून बनाने का क्या फायदा? कानून केवल कागज पर बनाया जा रहा है, लोगों को इसका लाभ नही मिल रहा है। महिला संपत्ति का अधिकार भी कागजों पर सिमट कर रह जाएगा।
साथियों , हर वर्ष की तरह आज 12 अगस्त को पूरे विश्व में मनाया जा रहा है अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों को अंतराष्ट्रीय समुदाय के ध्यान में लाना और आज के वैश्विक समाज में भागिदार के रूप में युवाओं की क्षमता का जश्न मनाना है । इस दिन की स्थापना 1999 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा दुनिया भर के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई थी।अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल एक विशेष थीम पर मनाया जाता है, जिसके केंद्र में युवाओं को सशक्त करने के प्रयास होते हैं। इस वर्ष का थीम है : 'क्लिक से प्रगति तक : सतत विकास के लिए युवा डिजिटल मार्ग ' . युवा नई तकनीकों को अपनाने और सकारात्मक रूप से बदलाव लाने में सबसे आगे है। युवा विकास के लिए यह शक्तिशाली विषय डिजिटलीकरण और सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति के बीच महत्वपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करता है। साथियों, इस अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आप सभी युवाओं को मोबाइल वाणी के परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला सम्पत्ति के अधिकार पर लोगों की अलग - अलग प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए ,जबकि कुछ लोगों की राय है कि नही देना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा और नौकरी में बढ़ावा दिया गया है, तो लोग महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने से क्यों बाहर रखते हैं? जबकि हर कोई जानता है कि अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाता है, तो महिलाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मनोज कुमार से साक्षात्कार लिया। मनोज कुमार ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार नही देना चाहिए। जिनके पास कम सम्पत्ति होगा उनकी स्थिति सोचनीय हो जाएगी। भाई - बहन के रिश्ते ख़राब हो जाएंगे। भाई कहां से बहन की शादी करेगा और कैसे सम्पत्ति का अधिकार देगा ?
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्ति से साक्षात्कार लिया। संभ्रांत व्यक्ति ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की खेती में अजोला से क्या क्या लाभ होते हैं उसके बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को समानता का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है, लेकिन महिलाओं को समानता का अधिकार अभी तक नहीं मिल सका है। आकड़े कुछ भी हो लेकिन देखने को यही मिल रहा है, समानता का अधिकार तभी पूरा होगा जब महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलेगा। जब तक उन्हें संपत्ति का अधिकार नहीं मिलता, उन्हें समानता का अधिकार नहीं मिलने के बराबर है। भारत में अधिकांश महिलाएं खेती किसानी से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उन्हें अभी तक संपत्ति का अधिकार नहीं मिला है। सम्पत्ति अधिकार पर कानून भी बनाया गया है, लेकिन कानून लागू नहीं किया जा रहा है। अगर इसे लागू किया जाता है तो महिलाएं भी सक्रिय और सशक्त होंगी। महिलाओं को भूमि का अधिकार दिलाने की लिए समाज में सभी को आगे आना होगा,अगर समाज के सभी प्रमुख लोग आगे आएंगे तो ही महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और एक शिक्षित समाज का निर्माण होगा।
भारत जैसे देश में महिलाओं की स्थिति का थोड़ा सा अंदाजा इन आंकड़ों से भी लग सकता है। आजादी के महज चार सालों बाद साल 1951 में भारत की कुल साक्षरता दर केवल 18.3 फीसदी थी, इसमें से महिलाओं की साक्षरता दर 9 फीसदी से भी कम थी। वहीं, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के डाटा के अनुसार साल 2021 में देश की औसत साक्षरता दर 77.70 प्रतिशत थी जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 84.70 प्रतिशत, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 70.30 प्रतिशत थी। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आजादी के बाद से अब तक महिलाओं की साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। दोस्तों, *----- आपको क्या लगता है कि महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव की क्या वजह हैं, "*----- महिलाओं के पास भी भूमि अधिकार हों! इस नज़रिए से हमारे कानूनों और नीतियों में आपको क्या कोई कमियां नज़र आती हैं? *----- महिलाओं को भूमि का अधिकार मिले , इसे हासिल करने के लिए हमारे कानूनों के नीतियों में ऐसे कौन से बदलाव होने चाहिए जिससे महिलाओं के लिए भूमि अधिकार पाना कुछ आसान बन सके?"
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला अलोक श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एडवोकेट घनश्याम से साक्षात्कार लिया।घनश्याम ने बताया कि पति - पत्नी के बीच अच्छा सम्बन्ध होना चाहिए। जवानी में पति - पत्नी एक दूसरे की अहमियत नही समझते हैं। मगर बुढ़ापा में समझ में आता है कि कोई किसी का नही होता है। बुढ़ापा में पति - पत्नी एक दूसरे का साथ देते हैं
