उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से अलोक श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि नारी शक्ति का प्रकोप पुरे देश में फैला हुआ है। इससे बहुत लोग परेशान हैं। महिलाओं को उतना ही आगे बढ़ना चाहिए जितना वे खुद के लिए सक्षम हैं। अगर महिला दस हजार रुपये कमाती है, तो पुरुष को पंद्रह हजार रुपये कमाने चाहिए। पत्नी ज्यादा कमाती है तो पति को दबा देती है।समाज में इन दिनों कई घटनाएं देखने को मिलती है कि पति पत्नी को पढ़ता है उसे सक्षम बनाता है मगर पत्नी पति को धोखा दे देती है। उत्तर प्रदेश में एस. डी. एम. ज्योति मोर्या इस बात का एक उदाहरण हैं । इसलिए पत्नी को एक हद तक ही आगे बढ़ाना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं का सम्पत्ति के अधिकार पर कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं समाज से मिल रही है।कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार दिया जाए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार नही मिलना चाहिए। सरकार जब महिलाओं को समानता का अधिकार दे रही है फिर सम्पत्ति का अधिकार देने से लोग क्यों कतरा रहे हैं। नौकरी, शिक्षा, महिलाओं को हर जगह समान अधिकार मिल रहे हैं, इसलिए यह भी दिया जाना चाहिए। अगर उन्हें शक्ति मिशन के तहत संपत्ति का अधिकार दिया जाता है तो महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेंगी। जिससे वे आने वाले समय में अपने बच्चों और परिवार के लिए विभिन्न तरह की व्यवस्थाएं कर सकती हैं। उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी। जैसे राशन कार्ड में उन्हें संपर्क करने का अधिकार दिया गया है, बैंक खाता खोलने का अधिकार दिया गया है,ठीक उसी तरह उनको सम्पत्ति का अधिकार भी मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सरजू गौतम से साक्षात्कार लिया। सरजू गौतम ने बताया कि महिलाओं को मायके में सम्पत्ति का अधिकार तभी तक है जब तक उनकी शादी नही हुई होती है। शादी के बाद ससुराल में उनको अधिकार मिलना चाहिए ।शादी के समय लड़की को दहेज़ के रूप में बहुत पैसा दिया जाता है। शादी के बाद महिला मायके में सम्पत्ति में अधिकार लेगी तो विवाद होगा तथा रिश्ता भी ख़राब होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के . सी . चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नीरज सिंह से साक्षात्कार लिया।नीरज ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से परिवार में विवाद होगा। भाई - बहन का रिश्ता ख़राब होगा। कई लोग बेटियों की शादी सम्पत्ति बेच कर करते हैं और जीवन भर उनके आने - जाने का खर्चा भी मायके वाले उठाते हैं। ऊपर से सम्पत्ति में हक़ मांगने से रिश्ता ख़राब होगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार मिलना भी चाहिए और नहीं भी । उनका कहना है कि महिलाएं शादी कर के अपना ससुराल जाती हैं तो उन्हें दहेज दिया जाता है ऐसे में उन्हें संपत्ति में अधिकार मिलने से भाई बहन के बीच मन मुटाव हो सकता है इसलिए महिलाओं को सम्पत्ति में अधिकार देना गलत है
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए, कुछ लोग हिचकिचा रहे हैं कि अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलता है,तो वे दबी रह जाती हैं ,समाज में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। महिलाएं जब तक जागरूक नहीं होंगी उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। मोबाइल वाणी के द्वारा भी महिलाओं को जगाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि माता-पिता की संपत्ति में महिलाओं का अधिकार होना महत्वपूर्ण है क्योंकि महिलाएं खेतों में काम करती हैं, घर में काम करती हैं, हर जगह काम करती हैं, चाहे व्यवसाय हो ,चाहे सरकारी योजनाओं में हो महिलाएं हर जगह काम कर रही हैं। लेकिन पैतृक सम्पत्ति में महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता क्योंकि अधिकतर घरों में देखा जाता है बहन बेटियों को उनका अधिकार नहीं मिलता क्योंकि इससे भाई बहन के बीच दरार आ सकती है। भाइयों के साथ मन मुटाव होने के डर से बेटियों को अधिकार नहीं दिया जाता लेकिन उन्हें अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के .सी .चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रदीप मिश्रा से साक्षात्कार लिया।प्रदीप मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति काअधिकार नही मिलना चाहिए। ऐसा होने से भाई बहन के बीच में दरार उत्पन्न हो सकता है और विवाद की स्थिति बनेगी
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की महिला संपत्ति अधिकार को लेकर क्षेत्र के लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार उसी तरह दिया जाना चाहिए जैसे आज समानता दी जा रही है। शिक्षा और नौकरियों में महिलाएं बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं, उसी तरह उन्हें भी संपत्ति का अधिकार भी दिया जाना चाहिए, इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों की राय है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। उनका मानना है की जिस तरह महिलायें घर के काम काज में व्यस्त रहती है उसी तरह उन्हें घेरलू काम काज पर ही ध्यान देना चाहिए
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