उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए या नहीं, तो कुछ लोगों का राय आ रही है कि इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसे स्वीकार किया जाना चाहिए, जबकि सरकार कहती है कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा दिया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में शिक्षा के अभाव में महिलाएं जागरूक नहीं हो रही हैं। यही कारण है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ने में पीछे रह रही हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया गया तो और विवाद होंगे।
संतकबीरनगरः लापरवाह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर गिरिराज सीएमओ ने आकस्मिक किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान 10 स्वास्थ्य कर्मी समिति चिकित्सक रहे नदारद, सीएमओ ने वेतन रोका मांगा अस्पटीकरण साथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला
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संतकबीरनगरः सोशल आडिट टीम ने परखा गांव का विकास कार्यों ग्रामीणों के साथ किया बैठक जाना गांव का विकास कार्य सड़क शौचालय आवास मनरेगा आदि बिंदुओं पर ग्रामीणों के साथ किया बैठक। बेलहर क्षेत्र का मामला
उतर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की
उतर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की आज कल देखा जाता सकता है की महिलाओं को रेलवे स्टेशन या बस अड्डे पर टिकट लेने को लेकर आरक्षण दिया जाता है। महिलाओं को अगर समाज में आगे आना है तो उन्हें अपने अपने घरो से बाहर निकलना होगा। महिलाओं को आगे रहना चाहिए और अपने अधिक से अधिक अधिकार प्राप्त करने चाहिए, इसलिए महिलाओं को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उतर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की भूमि विवाद के कारण महिलाएं आपस में लड़ती रहती हैं। वे अपने पति के नाम पर आपस में लड़ते रहते हैं जबकि उनके नाम पर जमीन नहीं है। महिलाओं को भी अपने अधिकारों के लिए लड़ते देखा गया है,इसलिए महिलाओं को अपनी संपत्ति का अधिकार मिलना ही चाहिए।
उतर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से राम प्रकश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की दहेज लेना भी महिलाओं के खिलाफ अपराध है। लेकिन दहेज रुक नहीं रहा है, जबकि महिलाएं दहेज के कारण अदालत में चक्कर लगा रही हैं। महिलाओं को दहेज उत्पीड़न के लिए अदालत में घसीटा जाना जारी है और घर पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिकार भी छीने जा रहे हैं क्योंकि ज्यादातर महिलाओं को घर में मार दिया जाता है। महिलाओं को सशक्त होना होगा
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