उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज़मा खातून से हुई। नाज़मा कहती है कि पिता के न रहने पर जैसे बेटे के नाम जमीन मिलता है वैसे ही बेटियों को भी मिलना चाहिए। कहीं कहीं बेटियों को जमीन मिल भी रहा है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सलमा खातून से हुई। सलमा कहती है कि माता पिता के न रहने पर जैसे बेटे को जमीन मिलता है वैसे ही बेटियों को भी मिलना चाहिए। इससे महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा। भाई की तरह बेहेन के पास भी जमीन रहेगा ,दोनों साथ में रहेंगे।

जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि भारत का कानून कहता है की बेटी का हक जमीन पर शादी के बाद भी रहता है। अगर किसी महिला के पति का निधन हो जाता है, तो भी उनका हक जमीन पर रहता है। इसलिए उनका हक कोई नहीं ले सकता है। ये महिला का हक़ रहता है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि लड़कियों को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि लड़कियों के नाम जमीन होना चाहिए। लेकिन अगर बहन शादी कर लेती है तो भाई बहन में दरार आ सकती है। शादी के बाद लड़की को मायके में अधिकार छोड़ देना चाहिए और पति के घर में लेना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि हमारे देश की 85 % महिलायें या तो घर में काम करती हैं या खेतों में लेकिन जो जमीन होती है जिस पर वो काम कर रही है। वो कभी भी उनके नाम नहीं होता है। उन्हें कोई हक़ नहीं मिलता है। इसके कारण वो कई तरह की लाभों से वंचित रह जाती हैं। जैसे की बैंक का लोन लेना हो या कोई और काम करवाना हो तो उनके पास यह हक नहीं होता है। लेकिन अगर उनके नाम जमीन होगी तो वो बहुत कुछ अच्छा कर पायेंगी।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हनुमान प्रसाद यादव से हुई। हनुमान प्रसाद कहते है कि अविवाहित लड़कियों का अधिकार जमीन में होना चाहिए। लेकिन अगर वो शादी कर के ससुराल चले जाती है तो उसका पिता के जमीन में अधिकार नहीं होना चाहिए। पति के संपत्ति में हिस्सा महिला को मिलना चाहिए

गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू आलू के फसल में लगने वाला झुलसा रोग का उपचार की जानकारी दे रहे हैं ।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉ सुजीत कुमार भारती से हुई। सुजीत कहते है कि पिता के नहीं रहने पर उनके जमीन पर जितना अधिकार लड़कों का रहता है उतना अधिकार लड़कियों को भी मिलना चाहिए। महिलाओं को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए