उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से अहमद रज़ा से बात कर रहे है। अहमद रज़ा कहते है कि पिता के नहीं रहने पर लड़कियों को प्रॉपर्टी मिलना चाहिए। जमीन मिलने पर लड़कियों को रहने में दिक्कत नहीं होगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 40 वर्षीय मोहम्मद सलीम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को माता पिता की संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। अगर महिला का तलाक हो जाता है तो अगर संपत्ति में हिस्सा मिला रहेगा तो वो अपना जीवन यापन अच्छे से कर लेगी और उसे कही भटकना नहीं पड़ेगा
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 38 वर्षीय मोहम्मद आरिफ मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को माता पिता के संपत्ति में महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए या नहीं यह बहुत बड़ा मुद्दा है। महिलाओं को माता पिता के संपत्ति में एक तिहाई हिस्सा मिलना चाहिए ताकि उनका जीवन यापन अच्छे से हो सके।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को जमीन मिल रहा है। बहुत लोगों का सोच है कि महिलाओं की शादी हो जाती है तो वो अपने पति का जमीन में हिस्सा लें। अगर ऐसा नहीं होगा तो भाई और बहन में टकरार हो सकती है। अगर वही अविवाहित महिला जिनके पिता किसी कारणवश नहीं रहते है तो उनके जमीन का अधिकार पुत्र के साथ साथ पुत्रियों को भी मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारी श्रोता से हुई। ये कहती है कि जैसे भाई को जमीनी अधिकार मिलता है वैसे ही महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से उमा शंकर शर्मा से हुई। उमा शंकर कहते है कि पिता के जमीन में बेटियों को भी अधिकार मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हनुमान प्रसाद यादव से हुई। हनुमान प्रसाद कहते है कि पिता के जमीन में बेटियों को भी अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि लोगों की सोच है कि जमीन बेटा ले जाएगा ,बेटी को कुछ नहीं देंगे। देंगे तो भी दहेज़ के रूप में कुछ सामान दे दिया जाएगा। जबकि असलियत में संपत्ति में बेटी का भी उतना ही हक़ है जितना बेटा का है। जब बहु ससुराल आती है तो वो वहाँ भी मेहनत से घर संभालती है।इसलिए जमीन में महिला का नाम होना एक अहसान नहीं इन्साफ है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि हमारे समाज में महिला का नाम राशन कार्ड आधार कार्ड पर होता है लेकिन जमीन के कागज़ों में नहीं होता है। जबकि कानून कहता है कि महिला को भी बराबर का भूमि का अधिकार है। अगर घर की जिम्मेदारी ,बच्चों की भविष्य की प्लानिंग खुद करती है तो अगर उनके नाम जमीन हो तो वो अच्छे से फैसला ले पाएगी। सारे मेहनत का काम महिला करती है लेकिन मुखिया हमेशा पुरुष को समझा जाता है। इस मानसिकता को बदलना चाहिए ताकि घर और मज़बूत बन सके
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राज से हुई। राज कहते है कि पिता के जमीन में बहन को हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। अगर बहन को दिया जाएगा तो अत्याचार होगा। बहन को जमीन दिया जाएगा तो दिक्कत होगा
