उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज़मा खातून से हुई। नाज़मा कहती है कि पिता के न रहने पर जैसे बेटे के नाम जमीन मिलता है वैसे ही बेटियों को भी मिलना चाहिए। कहीं कहीं बेटियों को जमीन मिल भी रहा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सलमा खातून से हुई। सलमा कहती है कि माता पिता के न रहने पर जैसे बेटे को जमीन मिलता है वैसे ही बेटियों को भी मिलना चाहिए। इससे महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा। भाई की तरह बेहेन के पास भी जमीन रहेगा ,दोनों साथ में रहेंगे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि लड़कियों को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि लड़कियों के नाम जमीन होना चाहिए। लेकिन अगर बहन शादी कर लेती है तो भाई बहन में दरार आ सकती है। शादी के बाद लड़की को मायके में अधिकार छोड़ देना चाहिए और पति के घर में लेना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हनुमान प्रसाद यादव से हुई। हनुमान प्रसाद कहते है कि अविवाहित लड़कियों का अधिकार जमीन में होना चाहिए। लेकिन अगर वो शादी कर के ससुराल चले जाती है तो उसका पिता के जमीन में अधिकार नहीं होना चाहिए। पति के संपत्ति में हिस्सा महिला को मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉ सुजीत कुमार भारती से हुई। सुजीत कहते है कि पिता के नहीं रहने पर उनके जमीन पर जितना अधिकार लड़कों का रहता है उतना अधिकार लड़कियों को भी मिलना चाहिए। महिलाओं को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से उबेद रज़ा से बात कर रहे है। उबेद रज़ा कहते है कि लड़कियों को जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए। इससे वो आर्थिक रूप से मज़बूत रहेगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से अहमद रज़ा से बात कर रहे है। अहमद रज़ा कहते है कि पिता के नहीं रहने पर लड़कियों को प्रॉपर्टी मिलना चाहिए। जमीन मिलने पर लड़कियों को रहने में दिक्कत नहीं होगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारी श्रोता से हुई। ये कहती है कि जैसे भाई को जमीनी अधिकार मिलता है वैसे ही महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रवि कुमार से हुई। रवि कहते है कि बेटियों को भी जमीन में हक मिलना चाहिए। इससे उनका सम्मान और सुरक्षा बढ़ता है। कई बार बेटियों को पिता की सम्पत्ति में हक नहीं दिया जाता है। शादी के बाद अगर बेटी को जमीन दिया जाता है, तो परिवार में क्लेश उत्पन्न होता है लेकिन अगर उन्हें ससुराल में भी सपोर्ट ना मिले तो वो कहाँ जायेंगी। किसी के घर की बहु किसी की बेटी होती है। वैसे ही किसी की बेटी किसी और घर की बहु। तो ये होना ही चाहिए की बेटियों को जमीन मिले। ताकि उनका सम्मान और सुरक्षा बढ़े। इसके साथ ही वो आगे भी बढ़ेगी
