उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से प्रीति सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि उन्हें ग्रामवाणी सुन कर महिलाओं के जमीनी अधिकार के बारे में पता चला। कैसे महिला के लिए भी जमीनी अधिकार जरुरी है। अगर महिला के पास जमीन होगा तो वो अपना और अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित और बेहतर कर सकती है। इस विषय पर प्रीति ने अपने घर में बात की तो परिवार वालों ने कहा की तुम्हें ससुराल में क्या कमी है। हमने अब तक अपने परिवार में किसी महिला के नाम पर जमीन नहीं की है, तो तुम्हें भी नहीं दिया जा सकता है। इसके बाद प्रीति ने कहा कि अब समय बदल गया है। समय के साथ सरकार ने भी अधिनियम बनाया है की महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर ही संपत्ति में अधिकार दिया जायेगा। इसलिए मुझे भी जमीन में हिस्सा चाहिए। नहीं तो मुझे कानून का सहारा लेना पड़ेगा। परिवार वालों ने आपस में विचार कर कहा की कानूनी चक्करों में पड़ने से अच्छा है अधिकार दे दिया जाए। इसके बाद जमीन में मेरा भी नाम हो गया और अब जब मेरे पति नहीं हैं, तो इस जमीन पर खेती कर के हम अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यह सब संभव हो पाया क्योंकि मैंने ग्रामवाणी सुना और जानकारी ली।
