शासन ने निर्देश दिया था की एक जनवरी से कोई छुट्टा जानवर खुले में नहीं घुसने पायेगा। लेकिन अभियान चलाने के बाद खेतों से लेकर खलिहान तक छुट्टा जानवर खुले में घुम रहे हैं।