सरकार ने लाखों रुपए की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया ताकि ग्रामीणों को ब्लॉक की भाग दौड़ ना करना पड़े लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों की उदासीनता के चलते अधिकांश समय पंचायत भवन में ताले लटकते हैं और ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।