कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

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उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से राजाबाबू मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राहुल मिश्रा से हुई। राहुल मिश्रा कहते है कि किशोर अवस्था में नए अनुभव होना सामान्य है। इस दौरान शारीरिक ,मानसिक और सामाजिक भावनात्मक विकास में तेज़ी से विकास होता है। किशोरों को नए नए अनुभव होता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से राजाबाबू मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से संजय चौधरी से बात किये। संजय कहते है कि किशोरावस्था की उम्र 10 से 18 साल तक होती है

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से राजा बाबू मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विकास से हुई। विकास कहते है कि किशोर को अपनी पहचान बनाने के लिए उसे अपनी रुचियों और जूनून को खोजना चाहिए। एक दूसरे लोगों के साथ सार्थक सम्बन्ध बनाना चाहिए। उसे कौशल क्षमताओं को विकसित करने तथा सकारात्मक आत्मछवि बनाने पर ध्यान देना चाहिए