दुनियाभर के देशों से तुलना करें तो भारत की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे अधिक पिछड़ी हुई हैं। पिछले दिनों वैश्विक महामारी के कारण उनकी स्थिति पहले से बदतर ही हुई है। देश की अस्सी प्रतिशत महिलायें कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। लेकिन उनमें से मात्र 13 प्रतिशत महिलाओं के पास खेती की जमीन पर मालिकाना हक़ है। महिलाओं को भूमि अधिकार मिलना उनका सशक्त होना। इस अधिकार से उनकी वित्तीय आय,आश्रय और आजीविका के अवसर प्रदान करता है
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पहली वर्षा में ही क्षेत्र जलमग्न हो गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्रीदेवी सोनी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि मानव अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्यावरण को नुक्सान पहुंचा रहा है। शहर सूख रहा है तो कही बाढ़ ,भूकंप जैसी आपदा आ रही है ,ज़रुरत को पूरा करते करते यह ध्यान नहीं दिया गया कि प्रकृति का दोहन लगातार हो रहा है और इससे मानव जीवन को ही नुक्सान है । पेड़ों की कटाई लोग अंधाधुन्द कर रहे है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्रीदेवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि भूमि में मेहनत करने के बाद भी महिलाओं को कृषक का दर्ज़ा नहीं मिला। दशकों के बाद भी महिला को भूमि अधिकार नहीं मिल रहा है। अब तक महिला कुछ नहीं कर पाई है। भूमिहीन समाज में महिलाओं की स्थिति अब भी वैसे ही है। सरकार अब भी महिलाओं को समानता के दायरे में नहीं ला पा रही है। इसके कारण सार्वजनिक रूप से महिला खुद को प्रमाणित नहीं कर पा रही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से नीलू ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि आज भी बहु बेटियाँ सुरक्षित नहीं है। उन्हें आज भी दहेज़ के लिए प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को जागरूक करना होगा ताकि वो अपने ऊपर होने वाली प्रताड़ना को न सही और समस्या का डट कर सामना करें ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से नीलू ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि समाज में महिला को आज भी तंग किया जाता है। इस कारण महिला कुछ नहीं कर पाती है। महिला परेशानी में आ कर ही गलत कदम उठाती है
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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भीषण गर्मी पड़ रही है इसलिए हम सभी को इस समय स्वास्थ्य का विशेष देखभाल रखना चाहिए। इस समय अगर हमें किसी भी तरह की शारीरिक समस्या होती है, तो सतर्कता के साथ त्वरित ध्यान देना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल हमारे जीवन के लिए अभिन्न और महत्वपूर्ण है। जल के बिना हम जीवित नहीं रह सकते हैं। इसलिए सभी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा। हम रोज के आदतों में बदलाव कर और कई परंपरागत तरीके अपना कर भी जल संरक्षण कर सकते हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं में जागरूकता की कमी के कारण आज भी हमारे समाज में लैगिंक असमानता देखने को मिल रही है। हमारे समाज में ये भेद-भाव बहुत सोच-समझ कर बनाये गए हैं। जिसके कारण लैगिंक असमानता को खत्म करना या कम करना एक चुनौती भरा काम है।समानता एक सुंदर और सुरक्षित समाज की वह नींव है जिस पर विकास रूपी इमारत बनाई जा सकती है।’ लैंगिक समानता क्या है? आखिर क्यों यह किसी भी समाज और राष्ट्र के लिये एक आवश्यक तत्त्व बन गया है? क्या बदलते समाज में यह प्रासंगिक है? लैंगिक समानता का अर्थ यह नहीं कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक लिंग का हो अपितु लैंगिक समानता का सीधा सा अर्थ समाज में महिला तथा पुरुष के समान अधिकार, दायित्व तथा रोजगार के अवसरों के परिप्रेक्ष्य में है।
