दुनियाभर के देशों से तुलना करें तो भारत की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे अधिक पिछड़ी हुई हैं। पिछले दिनों वैश्विक महामारी के कारण उनकी स्थिति पहले से बदतर ही हुई है। देश की अस्सी प्रतिशत महिलायें कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। लेकिन उनमें से मात्र 13 प्रतिशत महिलाओं के पास खेती की जमीन पर मालिकाना हक़ है। महिलाओं को भूमि अधिकार मिलना उनका सशक्त होना। इस अधिकार से उनकी वित्तीय आय,आश्रय और आजीविका के अवसर प्रदान करता है
