बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से तारा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुशीला कुमारी से साक्षात्कार लिया।सुशीला कुमारी ने बताया कि कुछ दिन पहले इन्होने एक समस्या नवादा मोबाइल वाणी पर रिकॉर्ड करवाया था। जिसमे बताया गया था कि सरकार द्वारा दिए जा रहे बीज इनको नही मिल रहा था।इस समस्या के तह तक जाने पर पता चला कि इनका केवाईसी नही हुआ था।पंजीकरण और आधार नंबर भी नही चढ़ा था।नवादा मोबाइल वाणी के सहयोग से इन्होने सभी दस्तावेजों के साथ दोबारा बीज के लिए अप्लाई किया।परिणामस्वरूप सुशीला कुमारी को ब्लॉक से चना और गेहूं का बीज मिल गया है और ये बहुत खुश हैं।
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से तारा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सीमा देवी से हुई। सीमा देवी यह बताना चाहती है कि उन्होंने कुछ दिनों पहले खेत के प्लाट के लिए ऑनलाइन आवेदन की थीं और कुछ दस्तावेज छूट गया था तो इस समस्या को लेकर मोबाइल वाणी पर समस्या रिकॉर्ड कराई थीं। जिसके बाद मोबाइल वाणी के माध्यम से इनका दस्तावेज जमा कराया गया और इस समस्या का समाधान किया गया। समस्या का समाधान होने पर वो खुश हुई और मोबाइल वाणी एवं सरकार को धन्यवाद दिया
कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा गेँहू की फसल को चूहों के आक्रमण से होने वाले नुकसान एवं उपचार सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं । विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
परंपरा तभी बदलेगी, जब सोच बदलेगी। जब समाज यह समझेगा कि महिलाओं को भूमि और संपत्ति में समान अधिकार देना परिवार और राष्ट्र दोनों के हित में है, तभी भारत वास्तविक अर्थों में समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ेगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *---- हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *---- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
क्या आपके गाँव या मोहल्ले में किसी महिला ने अपने नाम पर जमीन या घर के कागज़ बनवाने की कोशिश की है? क्या उसका जीवन बदला? क्या परिवार का व्यवहार बदला? क्या बेटियों और बहुओं का नाम जमीन और घर के कागज़ में होना चाहिए? कैसे परिवार मजबूत होगा? आपकी राय भले ही पक्ष में हो विपक्ष में अपनी राय जरूर रिकार्ड करें। राय रिकॉर्ड करने के लिए अपने फोन से 3 नंबर का बटन दबाएँ या मोबाइल वाणी ऐप में लाल बटन दबाकर अपनी बात रिकॉर्ड करें।
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से मंजू देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इन्होने इंदिरा आवास के लिए आवेदन किया है। मगर अभी तक किश्त नही आया है।घर नही मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है।
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से बिमली देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इन्होने इंदिरा आवास के लिए फार्म भरा है। मगर अभी तक एक भी किश्त नही आया है।ये गरीब हैं और इनको घर की बहुत आवश्यकता है।
Transcript Unavailable.
बिहार राज्य के नवादा जिला से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए और सामाजिक कृतियों के खिलाफ आवाज़ उठाना चाहिए। महिलाओं को समानता का अधिकार पाने के लिए शिक्षित और जागरूक होना चाहिए।उनको स्वयं सहायता समूह बनाकर अपनी बातों को रखना चाहिए। उनको समान वेतन और समानता की मांग करनी चाहिए। समानता के लिए कानून में सुधार होना चाहिए।
