नमस्कार, मैं डॉक्टर अर्पिता गुप्ता बीकानेर राजस्थान से, हम अपने संस्थान द्वारा निजी स्तर पर महिलाओं को बच्चियों को सुरक्षा के अधिकारों के प्रति पिछले कई वर्षों से जागरूक कर रहे हैं, पर सुरक्षा सखी ने हमें अलग ही हिम्मत और ताकत दी है क्योंकि इसके द्वारा हमें अपने यहां जो आसपास के पुलिस थाने हैं और जो सुरक्षा से संबंधित संस्थाएं हैं उनसे जुड़ने का अवसर मिला और इसके कारण हम और बेहतर कार्य कर पा रहे हैं तो सबसे पहले तो मैं सरकार की इस योजना के लिए और इससे जुड़े सभी जो सदस्य हैं स्पेसिअली जयपुर के संस्थान है आंगन, उनकी सारे कार्यकर्ताओं को और बीकानेर के जो पुलिस थाने के सारे जो पुलिस ऑफिसर है, हम सब का धन्यवाद देना चाहूंगी, जैसे मैं आपको बताना चाहूंगी, हम निःशुल्क बच्चों को शाम को पढ़ाते हैं और बहुत सारी बच्चियां हमारे पास आती है, जब वह वापस अपनी बस्ती में जा रही थी कुछ दिनों पहले की बात है तो कुछ असामाजिक तत्व उन्हें परेशान कर रहे थे, जब हमने थाने में यह कंप्लेंट करवाई तो उन्होंने जाके उनके लिए एक्शन लिया और उनको डराया जिससे कि आज हमारी बच्चियां सुरक्षित है तो मैं सरकार की इस योजना, जो कि देखिये कई कई बार कुछ योजनाएं बनती हैं पर वह लंबे समय तक चल नहीं पाती है पर इस योजना में लगातार मै देख रही हूं कि हर महीने हमारी मीटिंग हो रही है हर महीने अपडेट लिया जा रहा है कि कौन कहां पर कैसा कार्य कर रहा है जिससे कि हमारे राजस्थान में महिलाएं हर तरह से सुरक्षित रहे तो इसके लिए मैं सरकार को बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूं कि यह बहुत अच्छा प्रयास है महिला की सुरक्षा के लिए, हर शाम को आपके संस्थान द्वारा फ़ोन आता है, हमें सारी जानकारी दी जाती है हमारे अधिकारों के और कर्तव्यों के बारे में, तो मैं उसके लिए भी आभार व्यक्त करती हूँ.

नमस्कार, मैं डॉ अर्पिता गुप्ता, बीकानेर राजस्थान से, मैं अपने निजी संस्थान द्वारा बच्चों व महिलाओं को शिक्षित करने का कार्य कर रही हूं, और सुरक्षा सखी वाणी इस कार्यक्रम में, हमारे इस महिलाओं के प्रति जो हम उनको शिक्षित करने का मुख्य उद्देश्य था, कि वह अपने लिए कोई उनके साथ कुछ गलत हो तो वह अपने लिए खड़ी हो सके और इस कार्यक्रम में सुरक्षा सखी ने हमें जो आम महिलाएं हैं उनको जो हिम्मत दी है उसके लिए मैं इस योजना का धन्यवाद देना चाहूंगी क्योंकि हम महिलाएं अपनी बात कहने से डरते हैं पुलिस जाने से अभी इससे आपको अपने साथ एक निजी एक्सपीरियंस शेयर करना चाहूंगी, की मैं जैसे बच्चों को शाम को बस्ती के बच्चियां आती थी उन्हें पढ़ाती हूं शाम को, तो जब वो वापस जाती थी, तो उनको कुछ लोग असामाजिक तत्व परेशान करते थे और सुरक्षा सखी के तहत जब हमने अपने पास के थाने में पुलिस को इस बारे में बताया तो उन्होंने हाथों-हाथ ऐक्शन लिया उन लोगों को जाकर डराया और बताया कि भाई अगर आप बच्चो को परेशान करेंगे तो हम आप को जेल में डाल देंगे तो इससे डर के वह लड़के उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया तो यह बहुत अच्छा सरकार की पहल है हम महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए और मैं आभार व्यक्त करती हूं कि आपकी पूरी टीम का जो इतना हमें सहयोग कर रही है एक यही योजना है जो निरंतर चली जा रही है और इसका बहुत ज्यादा उपयोग करके हम महिलाओं को बहुत शक्ति मिली है हम और महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम कर पा रहे हैं और हमें सच में थाने के लोग भी बहुत सहयोग दे रहे हैं तो मैं सरकार का बहुत तहे दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं जो इस योजना को अपने महिलाओं के लिए शुरू किया बहुत-बहुत धन्यवाद