नमस्कार, मैं डॉ अर्पिता गुप्ता, बीकानेर राजस्थान से, मैं अपने निजी संस्थान द्वारा बच्चों व महिलाओं को शिक्षित करने का कार्य कर रही हूं, और सुरक्षा सखी वाणी इस कार्यक्रम में, हमारे इस महिलाओं के प्रति जो हम उनको शिक्षित करने का मुख्य उद्देश्य था, कि वह अपने लिए कोई उनके साथ कुछ गलत हो तो वह अपने लिए खड़ी हो सके और इस कार्यक्रम में सुरक्षा सखी ने हमें जो आम महिलाएं हैं उनको जो हिम्मत दी है उसके लिए मैं इस योजना का धन्यवाद देना चाहूंगी क्योंकि हम महिलाएं अपनी बात कहने से डरते हैं पुलिस जाने से अभी इससे आपको अपने साथ एक निजी एक्सपीरियंस शेयर करना चाहूंगी, की मैं जैसे बच्चों को शाम को बस्ती के बच्चियां आती थी उन्हें पढ़ाती हूं शाम को, तो जब वो वापस जाती थी, तो उनको कुछ लोग असामाजिक तत्व परेशान करते थे और सुरक्षा सखी के तहत जब हमने अपने पास के थाने में पुलिस को इस बारे में बताया तो उन्होंने हाथों-हाथ ऐक्शन लिया उन लोगों को जाकर डराया और बताया कि भाई अगर आप बच्चो को परेशान करेंगे तो हम आप को जेल में डाल देंगे तो इससे डर के वह लड़के उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया तो यह बहुत अच्छा सरकार की पहल है हम महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए और मैं आभार व्यक्त करती हूं कि आपकी पूरी टीम का जो इतना हमें सहयोग कर रही है एक यही योजना है जो निरंतर चली जा रही है और इसका बहुत ज्यादा उपयोग करके हम महिलाओं को बहुत शक्ति मिली है हम और महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम कर पा रहे हैं और हमें सच में थाने के लोग भी बहुत सहयोग दे रहे हैं तो मैं सरकार का बहुत तहे दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं जो इस योजना को अपने महिलाओं के लिए शुरू किया बहुत-बहुत धन्यवाद