नमस्कार आदाब साथियों ,मोबाइल वाणी लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उनके लिए है जो टेस्ट प्रेप पब्लिकेशन से जुड़कर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य करना चाहते है। नौकरी करने का कार्यस्थल लखनऊ उत्तरप्रदेश होगा। न्यूनतम 12वीं पास व्यक्ति ,जिनके पास कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य करने का कम से कम एक साल का अनुभव हो साथ ही कोरलड्रा में दक्षता प्राप्त हो ,वैसे व्यक्ति इस पद के लिए अपना साक्षात्कार दे सकते है। चयनित व्यक्ति को उनके कार्य अनुसार प्रतिमाह 8 हज़ार रूपए से 14 हज़ार रूपए वेतन दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति कंपनी के इस नंबर पर संपर्क कर इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है। कंपनी का नंबर है : 7317000225 .तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। बाल श्रम इस अधिकार का हनन करता है।” यह एक प्रसिद्ध व्यक्ति मलाला यूसुफजई के विचार है। वाकई में बाल श्रम एक ऐसा अभिशाप है जो बच्चों को न केवल शिक्षा से दूर कर रहा है बल्कि उनका सम्पूर्ण बचपन भी छीन लेता है इतना ही नहीं यह समाज को विनाश के पथ पर आगे बढ़ाता है। बच्चे देश के भविष्य होते हैं लेकिन बाल श्रम जैसी कुरीति से बच्चों का भविष्य ही अँधेरे में जा रहा है। जिस उम्र में बच्चे खेल कूद कर जीवन के हर पहलुओं को समझते है,उस उम्र बच्चे बाल श्रम करने को बेबस है । तो साथियों , आइये मिलकर बाल श्रम के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करे और न सिर्फ देश से बल्कि सम्पूर्ण विश्व से बाल श्रम की प्रथा को खत्म करने में अपना भागीदारी सुनिचित करें।
उत्तरप्रदेश राज्य से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि गर्मी में जल स्तर और भी नीचे गिर रहा ऐसे में हमे जल को बचा कर रखना बहुत जरूरी है
खुद का खेल बनाना बच्चों को सीखने में मदद करता है, इससे उनका दिमाग तेज़ होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है | खेल में माता पिता का साथ बच्चों और उनके बीच के रिश्ते को और गहरा करता है | क्या आप अपने बच्चों के साथ उनके द्वारा बनाया गया कोई खेल खेलते है ?
गर्मी से बचने के लिए सभी जरुरी कदम उठाने होंगे | बिजली का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल ना करें, पानी का सही इस्तेमाल करें और जब तक ज़रूरी ना हो, घर से बाहर धुप में ना निकले |
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दोस्तों, फसले बिना केमिकल के जी जाती हैं पर पानी के बिना तो जमीन बेजान ही है! मवेशियों में भी कहां इतनी जान होगी कि वो खेत जोत पाएं, हमें दूध दे पाएं! पानी तो सबको चाहिए , पर... साथियों, हमें बताएं कि पानी के प्राकृतिक स्त्रोत खत्म होने से आपको किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? क्षेत्र के कुएं, पोखर और तालाब प्रशासन ने खत्म कर दिए हैं या फिर वे सूख रहे हैं? क्या इन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं? अगर स्त्रोत सूख रहे हैं तो आपके पास पीने के पानी का क्या विकल्प है? क्या खेतों में पानी नहीं पहुंचने से फसलों को नुकसान हो रहा है? पानी की कमी के कारण किसानों और पशुपालकों को किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? खेतों में पानी पहुंचाने के लिए आपने क्या व्यवस्था की है और क्या यह पर्याप्त है? दोस्तों, पानी अहम है क्योंकि ये हमें जीवन देता है और आप तो जानते ही हैं.... जिंदगी जरूरी है!
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा किसान भाइयों को अनार के फसल हेतु जरुरी सलाह दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बेरोजगारी के कई कारण हैं। नंबर एक जनसंख्या वृद्धि तेजी से बढ़ती जनसंख्या बेरोजगारी के मुख्य कारणों में से एक है, जिस गति से देश की जनसंख्या बढ़ रही है वह उद्योग नौकरियों और राष्ट्रीय आय में भी बढ़ रही है। किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली में वृद्धि नहीं हो रही है जिसके कारण इसे रोजगार कहा जाता है। दूसरा, किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली का उस देश के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर प्रभाव पड़ता है। बेरोजगारी की समस्या का एक प्रमुख कारण दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली है दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली का अर्थ है शिक्षा की कमी का अर्थ है निरक्षरता। यही कारण है कि भारत में बेरोजगारी जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। रोजगार के अवसर नहीं बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को पर्याप्त नौकरी नहीं मिल पा रही है क्योंकि नौकरियां नहीं बढ़ रही हैं। चौथा गरीबी गरीबी कोई भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं होगा। भारत में गरीबी एक प्रमुख कारण है कि लोगों की उचित संसाधनों तक पहुंच नहीं है और गरीब व्यक्ति अच्छी शिक्षा से वंचित है। उसे अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती है और वह बेरोजगार हो जाता है। पाँचवाँ, भारत के कृषि क्षेत्र का पिछड़ेपन एक कृषि क्षेत्र है जिसकी पूरी आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि कृषि पर निर्भर है। वर्तमान में जनसंख्या विस्फोट के कारण कृषि क्षेत्र बहुत पीछे रह गया है। मशीनीकरण आजकल कार्यों को पूरा करने के लिए मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। पहले रोजगार की तुलना में लोग अधिक काम करते थे और बेरोजगारी जैसी समस्याएं कम थीं, लेकिन आज लगभग सभी काम मशीनों से किए जाते हैं।
