यह कार्यक्रम बताता है कि गर्मी में घर को कैसे ठंडा रखा जा सकता है। इसमें एक परिवार पुराने तरीकों जैसे मिट्टी, बांस और छत पर पौधे लगाने के बारे में सीखता है। साथ ही, नए तरीके जैसे खास पेंट भी बताए गए हैं। कार्यक्रम यह संदेश देता है कि ऐसे घर बनाना चाहिए जो गर्मी कम करें और पर्यावरण के लिए अच्छे हों। इस गर्मी में आपका घर कितना गर्म रहता है ? अपने घर को ठंडा रखने के लिए आपने क्या उपाय किये ?
साथियों, आपके यहां पानी के प्रदूषण की जांच कैसे होती है? यानि क्या सरकार ने इसके लिए पंचायत या प्रखंड स्तर पर कोई व्यवस्था की है? अगर आपके क्षेत्र में पानी प्रदूषित है तो प्रशासन ने स्थानीय जनता के लिए क्या किया? जैसे पाइप लाइन बिछाना, पानी साफ करने के लिए दवाओं का वितरण या फिर पानी के टैंकर की सुविधा दी गई? अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो आप कैसे पीने के पानी की सफाई करते हैं? क्या पानी उबालकर पी रहे हैं या फिर उसे साफ करने का कोई और तरीका है? पानी प्रदूषित होने से आपको और परिवार को किस किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं?
उत्तर प्रदेश में एक धार्मिक कार्यक्रम में भगदड़ में कई लोगों की दुखद मृत्यु हो गई यह घटना एक बार हुई थी। इसके बाद यह समझाया गया कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। भारत में भगदड़ की कई घटनाओं में गंभीर चोटें आई हैं और कई लोगों की मौत हुई है। कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैंः सबरीमाला भगदड़ दो हजार ग्यारह यह घटना केरल के सबरीमाला मंदिर में हुई थी जिसमें कई लोग मारे गए थे। चबूतरे पर रहना दिल्ली के इस कालाजी मंदिर में भगदड़ मच गई थी जिसमें चबूतरा गिरने से कई लोगों की जान चली गई थी। भगदड़ के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें से मुख्य भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स तोड़ना है।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर से आकांक्षा श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति पर अधिकार मिलना चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने पैतृक संपत्ति पर बेटियों के अधिकार के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि बेटे शादी तक ही बेटे रहते हैं लेकिन बेटी हमेशा बेटी होती है। शादी के बाद बेटों के इरादों और व्यवहार में बदलाव आते हैं, लेकिन बेटी जन्म से लेकर मृत्यु तक माता-पिता की प्यारी बेटी होती है। दो हजार पाँच में, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में एक संशोधन किया गया था, जिसमें पहली बार बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया गया था, लेकिन यह अधिकार उन लोगों को दिया गया था जिनके पिता की मृत्यु 9 सितंबर दो हजार पाँच के बाद हुई थी, सर्वोच्च न्यायालय ने इस तारीख और वर्ष की शर्त को समाप्त कर दिया।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा केला की फसल में बोरान की कमी के लक्षण तथा उपचार के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है।ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
दोस्तों इस तरह के बाबाओं द्वारा चलाई जा रही धर्म की दुकानों पर आपका क्या मानना है, क्या आपको भी लगता है कि इन पर रोक लगाई जानी चाहिए या फिर इनको ऐसे ही चलते ही रहने देना चाहिए? या फिर हर धर्म और संप्रदाय के प्रमुखों द्वारा धर्म के वास्तविक उद्देश्यों का प्रचार प्रसार कर अंधविश्वास में पड़े लोगों को धर्म का वास्तविक मर्म समझाना चाहिए। जो भी आप इस मसले पर क्या सोचते हैं अपनी राय रिकॉर्ड करें ग्रामवाणी पर
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