सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.
उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर से कंचन श्रीवास्तव ने मोबइलवाणी के माध्यम से बताया कि उत्तर प्रदेश के हाथरस के सिकंदराव में बाईट 2 जुलाई को सत्संग के दौरान हुई दुर्घटना के बाद एसआईटी की टीम ने दो , तीन और पांच जुलाई को घटना स्थल का निरिक्षण किया था। एसआईटी ने प्रारंभिक जाँच में आयोजकों को मुख्य रूप से ज़िम्मेदार माना है
उत्तरप्रदेश राज्य से आकांशा श्रीवाश्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति का अधिकार होना चाहिए। दरअसल महिलाओं को संपत्ति से संबंधित अपने अधिकारों के बारे में पता नहीं है। इसलिए अपने आप को बोझ न समझें एक लड़की को शादी में पर्याप्त दहेज दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि वह अपने परिवार की संपत्ति पर अपना अधिकार खो देती है।लड़कियों को शादी से पहले उन्हें सिखाया जाता है कि उनका अपना घर कोई और होगा। यह भी एक कारण है कि महिलाएं अपने मायके में अपना हक़ नहीं समझती।
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे और जानेंगे पैसों के सही निवेश के बारे में
उत्तर प्रदेश राज्य से अमित शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनील राय से बात किया, उन्होंने बताया की महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए गए हैं। और यही वजह है कि आज देश में पुरुषों के साथ मिलाकर चल रही है। हालांकि भारत विशाल देश का भाव है तो ऐसे में महिलाओं के साथ काफी भेदभाव भी देखने को मिलता था इसके साथ ही महिलाओं के साथ भेदभाव होता रहा है । आज महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला से नीलू मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की भूमि का अधिकार विशेष रूप से पुरुषों के नाम पर होता था , अब वह अधिकार महिलाओं को भी दिया जाता है। इसलिए महिलाओं को आगे बढ़कर अपना व्यवसाय व रोजगार में मदद करनी चाहिए, हर चीज की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि वे गरीबी से बाहर आ सकें और आगे बढ़ें, अपने व्यवसाय का ध्यान रखें, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें सके। नीलू का कहना है की इस अधिकार के बारे में वो समूह को महिलाओं को जागरूक करती है।
शुरू हो रहा है बच्चों से जुड़ी कहानियों और किस्सों का सिलसिला | जहाँ मनाएंगे बचपन, बच्चों के अंदाज़ में | सुनियेगा ज़रूर, बचपन मनाओ, बढ़ते जाओ और मोबाइल वाणी की ये खास पेशकश |
यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गयी मल्टी टास्किंग नॉन टेक्निकल के 4887 और हवलदार के 3439 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी बोर्ड से दसवीं पास किया हो , इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 27 वर्ष होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.sarkariresult.com/ssc/ssc-mts-2024/ .याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 /07/2024 है ।
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