अजय कुमार की रिपोर्ट।।अधिक जानकारी के लिए मोबाइल वाणी से जुड़े रहे और ऐप पर जाकर पूरी विस्तार के रूप से जानकारी को पढ़ सकते हैं।।।।सारण के जिलाधिकारी ने पोषण जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना:।।। छपरा, 12 मार्च। पोषण माह के दौरान लोगों तक पोषण के प्रति जागरुकता लाने के लिए विभिन्न प्रकार के जागरुकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिसमें पोषण माह की गतिविधियों के रूप में गर्भावस्था, शैशवावस्था, बचपन और किशोरावस्था के दौरान पोषण की उपयोगिता पर जागरूक करने के उद्देश्य से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त बातें सारण के जिलाधिकारी अमन समीर ने समाहरणालय परिसर में आईसीडीएस द्वारा आयोजित पोषण जागरुकता रथ को रवाना करने के बाद कही। इस अवसर पर दरियापुर की सीडीपीओ अंजू सिंह, पोषण अभियान के जिला समन्वयक सिद्धार्थ सिंह एवं जिला परियोजना सहायक अरविंद कुमार सिंह के अलावा कई महिला पर्यवेक्षिका एवं आईसीडीएस के कर्मी उपस्थित थे। - वीडियो क्लिप के माध्यम से कुपोषण को कम करने को लेकर जिलेवासियों को किया जाएगा जागरूक: जिलाधिकारी जिलाधिकारी अमन समीर ने पोषण जागरूकता रथ सह एलईडी वैन को सारण समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद मीडिया कर्मियों से कहा कि जागरूकता रथ सह प्रचार वाहन जिले के सभी प्रखंडों में पोषण पखवाड़ा - 2024 के तहत आगामी 23 मार्च तक विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्र, छोटे- छोटे बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थल जहां पर जागरूकता रथ एलइडी वैन के द्वारा पोषण एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा छोटे - छोटे वीडियो क्लिप के माध्यम से कुपोषण को कम करने को लेकर जिलेवासियों को जागरूक किया जाएगा। - गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर आवश्यक पोषण के उपयोग करने के लिए विशेष रूप से दी जाएगी जानकारी: डीपीओ आईसीडीएस की डीपीओ कुमारी अनुपम ने बताया कि मार्च महीने को विभागीय स्तर पर पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को गर्भवती महिलाओं, बच्चों को समय पर आवश्यक पोषण के उपयोग करने की विशेष जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिलेवासियों के बीच रैली, प्रभात फेरी व साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। वहीं आमलोगों के साथ पोषण शपथ एवं हस्ताक्षर अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा पूरे माह के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर नवजात शिशुओं के 06 माह तक केवन स्तनपान और इसके बाद ऊपरी आहार की जानकारी विशेष रूप से दी जाएगी। - विभागीय स्तर पर चयनित स्थलों पर पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति किया जाएगा जागरूक: सिद्धार्थ सिंह पोषण अभियान के जिला समन्वयक सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा- 2024 के प्रचार प्रसार को लेकर प्रचार वाहन जागरूकता रथ सह एलईडी वैन के माध्यम से जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों द्वारा चयनित सार्वजनिक स्थलों पर जिलेवासियों को वीडियो दिखाकर पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं जनजागरूकता रथ द्वारा पौष्टिक आहार, स्वच्छता एवं साफ सफाई तथा गर्भवती और धात्री महिलाओ को पौष्टिक आहार लेने से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

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शिशु मृत्यु दर के मामले को कम करना और लगातार बढ़ाना । छह महीने तक नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थायी स्तर पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी ।

पहलेजाघाट थाना के नए भवन के निर्माण के लिए हुआ भूमि पूजन थानाध्यक्ष श्वेता कुमारी ने नारियल फोड़कर किया नए भवन के निर्माण का शुभारंभ सोनपुर । सोनपुर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत पहलेजाघाट थाना जो पुराने भवन में चल रहा था। नये थाना भवन के निर्माण के लेकर पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्रो उच्चारण के साथ समाजसेवी अरविंद कुमार ने भूमि पूजन किया । इस भूमि पूजन में पहलेजाघाट थानाध्यक्ष ने नारियल फोड़ कर नये भवन के निर्माण के लिए गुरुवार को शुभारंभ की ।थानाध्यक्ष श्वेता कुमारी ने बताई की नए थाना भवन के निर्माण हो जाने से इस थाने में कार्यरत पदाधिकारियो ,कर्मियों के साथ हो रही अनेक समस्याओं से निजात मिलेगी साथ ही विभिन्न कांड में जप्त किये गए सामग्री को रखने में सुविधा मिलेगी । सरकार ने पहलेजाघाट ओपी को थाना के दर्जा दिया । अब नए भवन का निर्माण होगा । पहलेजाघाट थाना परिसर पूरे 14 कट्ठा के करीब में भूमि है ।जी प्लस 3 से थाना का निर्माण होने जा रहा है ।नये थाना बनेगे जिसमे सभी सुख सुविधाओं से सुशोजित होगा। राजद नेता रमेश राय ने बताया कि नया थाना बन जाने से थाने में कार्यरत पदाधिकारी, कर्मियों के अलावा हर तरह के सुविधा उपलब्ध होगा । पुराना भवन में चल रहे थाना से काफी समस्याएं कर्मियों को हो रही थी उससे निजात मिल सकता है । यह थाना चार मंजिला निर्माण होगा। जिसमे 201 फीट लंबा और 52 फीट चौड़ा करीब 14 कट्ठा के करीब भूमि पर चार मंजिला मकान निर्माण किये जाएंगे ।जिसमें थाने के अंदर थानाध्यक्ष ,अपर थानाध्यक्ष ,पुलिस पदाधिकारियों ,कर्मियों का कमरा ,वायरस रूम ,मलखाना ,पार्किंग ,हजरत, वैराग सहित अन्य सुख सुविधाओं से सुशोजित होगा । नये थाना का निर्माण पूर्ण रूप से 14 माह के अंदर कर लिया जाएगा। जिसमें करीब 3:45 करोड रुपए की लागत से इस भवन का निर्माण होगा। भूमि पूजन के दौरान मौजूद रहे । अपर थानाध्यक्ष संतोष कुमार ,एसआई पूर्णिमा कुमारी, अजीत कुमार सिंह,बिखम राय,प्रियंका कुमारी,मधु कुमारी,चौकीदार पृथ्वी पासवानसहित अन्य पुलिस कर्मी व जितेंद्र पसवान,मुकेश कुमार , समाजसेवी हरेंद्र कुमार,अरविंद कुमार ,राजकिशोर महतो. संजय कुमार ,चुन्नू जी सहित दर्जनों क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे ।

सारण जिले से अजय कुमार की रिपोर्ट।।प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान- जीएनएम स्कूल के सभागार में सिविल सर्जन की अध्यक्षता प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन: अधिक जानकारी के लिए मोबाइल वाणी ऐप डाउनलोड करें कर इसे पढ़ भी सकते हैं यार टोल फ्री नंबर पर सुन भी सकते हैं छपरा, 06 मार्च। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने पीएमएसएमए कार्यक्रम से संबंधित सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम स्कूल के सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर सीएस डॉ सागर दुलाल सिन्हा, डीआईओ डॉ चंदेश्वर सिंह, डीपीएम अरविंद कुमार, डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, पीरामल स्वास्थ्य के संजय कुमार और सिफ़ार के धर्मेंद्र रस्तोगी सहित जिले के सभी एमओआईसी, एचएम और बीएचएम के अलावा कई अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। जटिलताओं की रोकथाम, उसका शीघ्र और प्रभावी उपचार मातृ देखभाल के लिए अतिआवश्यक: डीपीएम जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविंद कुमार ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व गर्भधारण से पहले ही उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के साथ शुरू हो जाता है। जिस कारण गर्भावस्था, उचित प्रसव पूर्व देखभाल, जब भी संभव हो जटिलताओं की रोकथाम और जटिलताओं का शीघ्र और प्रभावी उपचार मातृ देखभाल के लिए आवश्यक हैं। हालांकि सुरक्षित मातृत्व के छह स्तंभों में मुख्य रूप से परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व देखभाल, प्रसूति देखभाल, प्रसवोत्तर देखभाल और एसटीआई/एचआईवी/एड्स का नियंत्रण शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने के उद्देश्य से एमओआईसी, एचएम और बीएचएम को किया गया प्रशिक्षित: डीपीसी जिला योजना समन्वयक रमेश चंद्र कुमार ने जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अनुमंडलीय और रेफरल अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक और प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशिक्षित किया गया है। क्योंकि स्वास्थ्य संस्थानों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि गर्भवती महिलाओं को उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं आने वाले बच्चे के लिए अच्छे स्वस्थ्य भविष्य की परिकल्पना को साकार किया जा सके। क्योंकि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की शत प्रतिशत जांच सुनिश्चित किया जाता है।