सरनारायण में निशुल्क चिकित्सा शिविर का हुआ आयोजन
अन्याय में शोकाकुल परिजनों से मिले सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह
देसी व चलाई शराब को पुलिस ने किया बरामद हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गोपालपुर से देशी व चलाई शराब को पुलिस के द्वारा क्या बरामद किया गया ऐसा ही हजूर अकेला ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी हुई जिसके बाद धंधेबाज पुलिस को आता देख कर फरार हो गया हालांकि 7:30 लीटर देसी हो जुलाई शराब बरामद कर लिया गया है
गौरीगांवा में 24 घंटे के अखंड अष्टयाम के लिए भव्य कलश यात्रा निकाली गई
पानापुर प्रखंड के आधे दर्जन विद्यालयों का जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना निशांत गुंजन ने औचक निरीक्षण किया डीपीओ लगभग साढ़े नौ बजे ही पानापुर पहुँच गए थे उन्होंने सबसे पहले उत्क्रमित मध्य विद्यालय महम्मदपुर की जांच की उसके बाद में उत्क्रमित मध्य विद्यालय भोरहा , पानापुर , मध्य विद्यालय धेनुकी , पकड़ी नरोत्तम , प्राथमिक विद्यालय हरखपकड़ी की जांच किया जांच के दौरान डीपीओ ने विद्यालय में पठन पाठन की व्यवस्था छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति आदि की जांच की डीपीओ द्वारा औचक निरीक्षण किए जाने की सूचना से विद्यालय से गायब रहनेवाले शिक्षकों में हड़कंप देखा गया
बहलोलपुर में चल रहे 24 घंटे के अखंड अष्टयाम भक्तिमय माहौल में हुआ संपन्न।
परसा पी एन कॉलेज में b.a. पार्ट वन की परीक्षा में 2 परीक्षार्थी हुए निष्कासित
पानापुर थाना की पुलिस ने थाना क्षेत्र के के विभिन्न गांवो में छापेमारी कर शराब के साथ दंपति एवं दो शराबियों को गिरफ्तार कर लिया । पुलिस द्वारा शराब कारोबारियों एवं शराबियों के धर पकड़ के लिए अभियान चलाया गया । इस अभियान के दौरान सेमराहां गांव में छापेमारी की गई । जहां 39 लीटर देशी शराब के साथ कारोबारी उमेश पाठक एवं उनकी पत्नी कौशल्या देवी को गिरफ्तार किया गया । अभियान के क्रम में शराब के नशे धुत होकर घुम रहे टोटहां जगतपुर गांव निवासी संतोष प्रसाद एवं विजौली गांव निवासी मनोज राम को भी गिरफ्तार किया गया । मामले में थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को न्यायालय में भेज दिया गया है ।
विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में बकरी खरीदने के लिए खरीदारी की काफी भीड़ बढ़ रही है । इसका मुख्य कारण इस मेले में विभिन्न नस्ल की बकरियां मिलती है जिसके लेकर राज्य के कोने-कोने से आने वाले बकरी पालन उसे खरीदते हैं। इस बात की जानकारी देते हुए सहायक रोग अनुसंधान पदाधिकारी पशु पालन विभाग के डॉ दीपक कुमार ने बताया कि मेले में अच्छी नस्ल की बकरियां जमुना परी है । इसे तोता परी भी कहते हैं । बकरियां विभिन्न नशल के होती है जिसमे बिटल, बरबरी ,ब्लैक बंगाल, सिरोही ,जमुनापारी ,देशी बकरियां के अलावा अन्य नशल के बकरियां होती है । सोनपुर मेले में सबसे ज्यादा जमुनापरी बकरी देखने को मिल रही है जो प्रतिदिन 2 से 3 किलो तक दूध करती है। यह बकरिया मेले में बेचने के लिए आई हुई है । छोटे -छोटे किसान या गरीब तब के प्रायः बकरी पालन करते हैं । पशुधन में बकरी एक ऐसा जानवर पशु है जो कि मुसीबतों के हालत में जीवन यापन करके मुनाफा कमाता है । बकरियां से पैसे एवं उसके मांस भी कीमती में बिकती है । बकरी को बेचकर विपरीत समस्या का भी समाधान बकरी पालन करने वाले कराती है। बकरी पालन में सरकार द्वारा भी अनुदान मिलती है । यह योजना 38 जिलों मे चल रही है । बकरी के दूध को हर उम्र के लोग बच्चे बूढ़े बीमार व्यक्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा समुचित है। इसके दूध में उपलब्ध प्रोटीन में लैक्ट्रोपेरॉक्साइसें नामक तत्व पाया जाता है जो कि बहुत सारे बीमारियों में मनुष्य का बचाव कर सकता है । बकरी का दूध में उपलब्ध इलेक्ट्रोंस शरीर में शक्ति प्रदान करता है । उन्होंने बताया कि बकरी पालन करने के दौरान कई तरह के सावधानी बरतने की जरूरत है जिसमें बकरियों में सबसे ज्यादा जन्म के 15 दिन से एक महीना के अंदर निमोनिया दस्त ,काकसीडियोसिस के अलावा अनेक बीमारियां होती है जो जानलेवा होती है इसे बच्चे में ही बकरिया की मौत हो जाती है । बकरी पालन करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है । सोनपुर मेले में दुधारू बकरी के दाम लगातार बढ़ रही है मेले के उद्घाटन के पहले ₹400 में बकरी बिक्री रही थी जो अब ₹600 किलो के भाव से बकरिया बिक रही है। इसका मुख्य कारण है कई जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ गई है जिसमें बकरी का दूध का काफी माँग है और बकरी के दूध 600 से ₹800 किलो के भाव से बिक रही है जिसके लिए ज्यादा दूध देने वाली अच्छी नस्ल के बकरी की तलाश में लोग सोनपुर मेला आ रहे हैं यहां भी अच्छे नस्ल की बकरी नहीं मिलने से लोग परेशान है। मेले में भी दुधारू बकरी की संख्या काफी कम होने के कारण बकरी के दामों में बकरी व्यवसाय करने वाले लोग बकरी के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले सोनपुर मेले में राजधानी नस्ल की बकरी बेचने आए कई बकरी विक्रेता ने कहा कि दुधारू बकरी नहीं मिल रही है वही अच्छी नस्ल के बकरी नहीं मिलने से बकरी पालन करने वाले लोगों में निराशा हाथ लग रही है । डॉ दीपक कुमार ने बताया कि डेंगू के बीमारी में बकरी के दूध काफी लाभप्रद होती है । इसके सेवन करने से डेंगू के जो विष है उस बिष को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाता है ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
सोनपुर --विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में रौनक अपने शबाब पर है। राज्य के विभिन्न जिले से इस मेले में आने वाले दर्शकों और खरीदारों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। मीना बाजार में खरीदारों की संख्या महिलाओं की सबसे ज्यादा है । नखास में चिड़िया बाजार जाने वाले रोड में कई फलदार फूल पत्तियों की नर्सरी लगी हुई है। कई सड़क मार्ग पर लगाए गए दुकानों में विभिन्न प्रकार के कोई खानपान के सामान खरीद रहे हैं तो कोई सृंगार तो कोई उन्नी कपड़े खरीद रहे हैं। काफी संख्या में मेलार्थी मेले में आए। भीड़ इतनी उभर पड़ी की लोगों को एक दूसरे में ढेला- ढेली की नौबत आ गई और मेला भ्रमण करने वाले मेलार्थी मेले में अपने इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार समान खरीद कर अपने- अपने घर को गए । बच्चे भी मनोरंजन का लुफ्त उठाया तो वही युवाओं मेले में तलवार खरीद -खरीद कर अपने घर ले जा रहे थे । विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
