बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नासरीन परवीन से हुई। नासरीन परवीन यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को मायके में जमीन लेने के समय कहा जाता है कि उनका शादी हो गया है तो जमीन में हक़ नहीं देंगे
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर बिमला देवी कुमारी से साक्षात्कार लिया।बिमला देवी ने बताया कि सभी महिलाएं एक जुट होकर आवाज उठाएंगी तो उनके हालात बदल सकते हैं।ये हालात बदलने के लिए तैयार हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर वृंदा देवी से साक्षात्कार लिया।वृंदा देवी ने बताया कि महिलाओं को मुखिया और सरपंच के पास जाकर अपने हक़ लेने की बात करनी चाहिए।अगर वहां बात करने से कोई लाभ नही होगा तो कोर्ट कचहरी जाएँगी।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर सावित्री देवी से साक्षात्कार लिया।सावित्री देवी ने बताया कि अब महिलाएं शिक्षित हो रही हैं और अपना हक़ लेने में हिचकिचाती नही हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर सावित्री देवी से साक्षात्कार लिया।सावित्री देवी ने बताया कि महिलाओं को पुरुष के समान हक़ मिलना चाहिए। ये अपने पति से अपना हक़ लेना चाहती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर रेशा देवी से साक्षात्कार लिया।रेशा देवी ने बताया कि ससुराल में महिलाओं को सम्पत्ति में हिस्सा नही दिया जाता है। इसलिए बहुत बुरा लगता है।ये अपने जमीन में बेटियों को हिस्सा नही देना चाहती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भूमि अधिकार पर रेखा देवी से साक्षात्कार लिया।रेखा देवी ने बताया कि बेटी को मायके में हिस्सा नही लेना चाहिए। बेटी का दान-दहेज देकर शादी कर दिया जाता है।फिर उसे मायके में सम्पत्ति में हिस्सा नही मिलेगा
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सामाजिक दबाव महिलाओं को अपने हक से रोकता है।समाज के लोग उन महिलाओं के बारे में गलत सोचते हैं जो अपने हक़ के लिए लड़ती है।खुद के अधिकार के लिए लड़ना लोग पसंद नही करते हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि शिक्षित व्यक्ति हर पॉइंट को समझता है और अशिक्षित व्यक्ति में समझदारी कम होती है।यदि महिलाएं शिक्षित और जागरूक होंगी तो उन्हें अपने हक़ के बारे में जानकारी होगी। महिलाओं को सम्पत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। पुरुषों को अपने घर से सिस्टम बदलने की शुरुआत करती चाहिए एवं घर की महिला को सम्पत्ति में हिस्सा देना चाहिए।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जमीन में हिस्सा मांगने पर बेटियों को गलत समझा जाता है।कई लोग सोचते हैं कि लड़की की दहेज देकर शादी के बाद मायके की सम्पत्ति में हिस्सा नही रहता है।भाई और भाभी को विवाहित लड़की को सम्पत्ति में हिस्सा देने में ज्यादा दिक्कत होती है।
