किशनगंज जिले में जनसंख्या नियंत्रण संबंधी उपायों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 27 जून से 31 जुलाई के बीच जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़ा की सफलता के लिए जिले के सभी सात प्रखंड में सारथी रथ के माध्यम से जन जागरूक किया जा रहा है।
किशनगंज जिले में सुबह से अच्छी धूप खिली रही।अचानक सुबह 11 बजे के बाद मौसम ने करवट लेना शुरु कर दिया। आकाश में काली घटा छाने लगी। देखते ही देखते साढ़े ग्यारह बजे के बाद पहले रिमझिम फिर तेज बारिश शुरु हो गयी। एक बजे के बाद बारिश थोड़ी धीमी हुई।धीरे धीरे मौसम साफ हो गया।जिससे लोगों को राहत मिली।
पोठिया प्रखंड स्थित छतरगाछ रेफरल अस्पताल का संचालन तत्काल पंचायत सरकार भवन में होगा। अस्पताल भवन की मरम्मति या नए भवन बनने तक इसका संचालन छतरगाछ पंचायत सरकार भवन में ही होगा।डीएम श्रीकांत शास्त्री ने रेफरल अस्पताल का संचालन पंचायत सरकार भवन में कराने को लेकर इसका जायजा लिया।
किशनगंज शहर के वार्ड नं. 11 स्थित केलाबगान में कई गली आज भी कच्ची ही है। जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव व कीचड़ से लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है। ज्यादा बारिश होने पर घरों में पानी घुस जाता है। कई वर्षों से कच्ची सड़क का पक्कीकरण नहीं किए जाने से मुहल्लेवासी में रोष व्याप्त है। वहीं लोगों ने बताया कि कई बार जलजमाव को लेकर नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन तक को जानकारी दी गई है।
ठाकुरगंज नगर के वार्ड संख्या एक में पावर हाउस के समीप बीते तीन माह से स्ट्रीट लाइट शोभा की वस्तु बनी हुई है। लाईट खराब रहने से चौक पर अंधेरा छाया रहता है। जिससे रात्रि समय स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पोठिया प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कन्या छत्तरगाछ तक पहुंचने के लिये ग्रामीणों को पांच सौ मीटर कीचड़मय सड़क से गुजर कर प्रतिदिन आवागमन करना पड़ता है। इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहे या फिर विभागीय लापरवाही । जिसका खामियाजा उत्क्रमित मध्य विद्यालय छत्तरगाछ कन्या के सैकड़ों ग्रामीणों सहित छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में मध्य रात्रि के बाद से दिन के 11 बजे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश के बाद से नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र से होकर बहने वाली कनकई, बूढ़ी कनकई नदी के जलस्तर में हल्की से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी है। जबकि रात से कई घंटे तक प्रखंड क्षेत्र में हुए बारिश से निचले इलाके में पानी भरने लगा है।हालांकि प्रखंड क्षेत्र की दोनों प्रमुख नदियों में तत्काल उफान जैसी स्थिति नहीं है।
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से क्षेत्र के सभी कच्ची सड़कों पर जलजमाव व कीचड़ हो गई है। जिसके कारण लोगों को सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है।बताते चलें कि क्षेत्र में दर्जनों कच्ची सड़कों पर भारी बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन और कीचड़ हो गई है।
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत भोरहा पंचायत के वार्ड संख्या 5 में सड़क किनारे कल्वर्ट को मिट्टी से भर कर जाम कर देने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीओ अजय चौधरी ने कल्वर्ट को अतिक्रमण मुक्त कराया। ज्ञात हो कि कुछ लोगों ने कल्वर्ट से पानी निकासी का रास्ता बंद कर कर दिया था। जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अजय चौधरी को आवेदन दिया और समस्या से अवगत कराया था।
दिघलबैंक प्रखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से निर्माणाधीन बॉर्डर रोड के गंधर्वडांगा धनतोला मुख्य सड़क के हाथीडुब्बा डायवर्शन में दो से तीन फीट पानी जम गया है।जिससे आसपास के गांवों के लोगों एवं छात्रों को उच्च विद्यालय धनतोला और उसी रास्ते दिघलबैंक बाजार जानें में भाड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।लोगों की मांग है कि उक्त स्थान पर मिट्टी करण हो।
