उत्तरप्रदेश राज्य से आशीष मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ज्ञान छोटा या बड़ा नहीं होता है।और जब कोई किसी को ज्ञान तथा जानकारी दे रहे हो तो उसे छोटा या बड़ा नहीं समझते हुए उस ज्ञान को ग्रहण करना चाहिए तथा उनका सम्मान करना चाहिए।वही वह कहते है कि ज्ञान कितना भी छोटा क्यों न हो,कभी न कभी वह भी काम आता ही है और एक समय वह किसी के लिए बहुत बड़ा ज्ञान भी बन सकता है।
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोरोना संक्रमण के कारण सभी स्कूल बंद है ,और इनसे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैं। इसी बीच में समस्याओं की कमी का कारण बताकर बहुत से स्कूलों में शिक्षक पढ़ाई कराने से बच रहे हैं। लेकिन जिले में ही ऐसे शिक्षक भी है , जो इस सभी कारणों को दरकिनार कर बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई ना कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
मध्यप्रदेश राज्य के ग्वालियर जिला से मुकुंद यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि साक्षरता दिवस हर वर्ष मनाया जाता है।उनका कहना है कि सबसे ज्यादा साक्षर लोग केरल के साथ साथ दिल्ली,महाराष्ट्र,पंजाब सहित कई अन्य राज्यों में रहते है।वही वह कहते है कि साक्षरता कम होने की वजह सरकार का विफल होना है।सरकार द्वारा नागरिकों को सुविधा नहीं दी जाती है,जिसकारण साक्षरता कम है।वही नागरिकों को जो समस्या आती है उसके लिए भी कुछ नहीं किया जाता है तथा महिलाओं की खान-पान भी सही नहीं हो पाती है जिसकारण बच्चे भी मानसिक रोग से ग्रसित होते है जो साक्षरता की कमी के कारण ही होता है।इसलिए महिलाओं के परिवारवालों को उनके खान -पान पर ध्यान देना चाहिए ताकि जो भी बच्चा जन्म ले वह मानसिक रूप से कमजोर नहीं रहे।
दोस्तों , अक्कू की तरह गुस्सा हों तो यह दस काम करें। ज़ोर-ज़ोर से हँसे और हवा में अपनी बाहें फैलाकर उझलें -कूदें। बहुत धीरे- धीरे अंदर साँस खींचे और बहार साँस छोड़ें।थोड़ा पानी या छांछ पियें। फल का एक टुकड़ा खाएं या फिर ज़रा सा गुड़। किसी बड़े व्यक्ति को बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकरी के लिए ऑडियो में क्लिक करें।
सुनिए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर प्रथम बुक्स द्वारा प्रस्तुत ख़ास कहानी " टीसुंदरी की विस्फोटक हंसी "
दोस्तों ,हम बड़ों की तरह बच्चे भी हँस कर या गुस्सा कर के अपने कुछ भवनाएँ बताते हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस यानि 8 सितंबर को प्रथम बुक्स बच्चों की इन्ही भावनाओं पर दो प्यारी सी कहानी लेकर आये हैं। विस्तारपूर्वक जानकरी के लिए ऑडियो में क्लिक करें।
