मुजफ्फरपुर : वैश्विक महामारी कोविड 19 में चिकित्सकों की भूमिका और उनके योगदान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विभाग के सभी चिकित्सकों को एक माह के मूल वेतन की राशि को प्रोत्साहन राशि के रुप में देगी। यह फैसला रविवार को विभाग की तरफ से ली गयी। जिसकी प्रतिलिपि भी वित्त विभाग तथा मंत्रालय को दे दी गयी है। यह फैसला लेते हुए विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बनाए रखने के लिए वित्ति प्रोत्साहन के समतुल्य राशि देने का निर्णय लिया गया है। यह प्रोत्साहन राशि वैसे चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, एवं स्वास्थ्य विभगीय अन्य कर्मी जिनके द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम एवं चिकित्सा में अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन किया गया हो। ऑडियो पर क्लिक कर पुरी जानकारी सुनें।

मुजफ्फरपुर : मरीजों के प्रति सच्ची सेवा का भाव क्या होता है, यह एएनएम रिंकू कुमारी से सीखिए। रोगी के परिजनों के द्वारा जानलेवा हमले के बाद भी पैर कर्तव्य के पथ से नहीं डिगे। स्वस्थ होने के बाद फिर से जुट गईं मरीजों की देखभाल में। गायघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम रिंकू कुमारी को 5 अगस्त 2016 का दिन आज भी याद है। वह बताती हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक गर्भवती महिला लाई गई। उनलोगों ने हर संभव प्रयास किया, मगर डॉक्टर साहब ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। महिला के अभिभावक उसे मुजफ्फरपुर अस्पताल ले जाने के बजाय घर लेकर चले गए। ऑडियो पर क्लिक कर पुरी जानकारी सुनें।

मुजफ्फरपुर : कोरोना को लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों ने जिस तरह की मनगढ़ंत धारणाएं बना ली है, वह पूरे समाज को बीमार कर सकती है। आमजन में जागरूकता को लेकर सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों की बेपरवाही परेशानी का सबब बन रही है। इस संबंध में मोतीपुर प्रखंड में पाना छपरा गांव के मुखिया मनोज सिंह कहते है कुछ लोग अभी गाँवों में ऐसे भी हैं जिन्हें मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहने पर, वे कोरोना के बढ़ते प्रसार को नकार देते हैं. यद्यपि, सब लोग ऐसे नहीं हैं। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

मुज़फ़्फ़रपुर : कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर संक्रमण पर रोकथाम के लिए समुदाय के सभी वर्गों की आपसी सहभागिता एवं सहयोग की जरूरत अधिक हो गयी है। इस लिहाज से कोविड-19 आपदा से मानव जीवन की सुरक्षा के लिए धार्मिक संगठनों के धर्मगुरुओं व प्रमुखों को जोड़ कर उनके सहयोग लिये जाने को भी वैश्विक स्तर पर तरजीह दी जा रही है। इस दिशा में यूनिसेफ़ और रिलिजंस फॉर पीस एंड ज्वाइंट लर्निंग इनिशिएटिव ऑन फेथ एंड लोकल कॉम्यूनिटीज के साझेदारी में कोविड 19 से बचाव को लेकर दिशानिर्देशों की एक श्रृखंला जारी की है। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

मुजफ्फरपुर : जन्म के समय मां का दूध ही बच्चों का आहार होता है। बच्चे के जन्म के समय मां का गाढ़ा पीला दूध भी उनके लिए वरदान साबित होता है। जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। डीसीएम राजकिरण ने कहा जिले की आशा द्वारा भी एक से सात अगस्त तक स्तनपान को प्रोत्साहित करने के साथ शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए मनाया जाएगा। इस बार के विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम स्वस्थ्य ग्रह के लिए स्तनपान का समर्थन करना है, जिसमें नवजातों के माता -पिता को स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जागरुक किया जाएगा। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य स्वास्थ्य समिति ने आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए राज्य के प्रत्येक जिलों तथा मेडिकल कॉलेजों को निजी एम्बुलेंस को अगले दो माह के लिए किराए पर रखने का आदेश दिया है। विदित हो कि फिलहाल में 102 एम्बुलेंस ज्यादातर कोविड संक्रमितों की सेवा में मौजूद है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने निजी एम्बुलेंसों को किराए पर रखने का आदेश दिया है। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

मीनापुर प्रखंड के मकसूदपुर पंचायत की सीएनआरपी बेबी देवी ने सहमकी बुखार से बचाव का तरीका बताया। ऑडियो पर सलिक्सक कर पूरी जानकारी सुनें।

इस वर्ष बकरीद या ईद-अल-अज़हा ऐसे दौर में आया है, जब पूरी दुनियां कोविड-19 वायरस के चपेट में है। इस माहौल को देखते हुए विश्व के विभिन्न स्वास्थ्य संगठन एवं सरकार भी सुरक्षित तरीके से पर्व मनाने को लेकर दिशानिर्देश जारी कर रही हैं। इसी कड़ी में बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन (बी.आई.ऍफ़.सी.) ने भी इस त्यौहार को सुरक्षित रूप से मनाने के लिए दिशानिर्देश जारी की है। बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन अलग-अलग धर्मगुरुओं को एक साथ लाकर इस दिशा में पहले से कार्य भी करती रही है। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

मुजफ्फरपुर : कोरोना संक्रमण में व्यक्ति का प्रतिरक्षा तंत्र मुख्य संरक्षक के रुप में उभर कर सामने आया है। जिससे लोगों का ध्यान विभिन्न पैथ की दवाओं तथा उनकी विधियों पर गया है। इन सबके बीच हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति की सरलता और सुलभता ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया है। इसकी विधियां और दवा हमारे रोजमर्रे के जीवन से जुड़ी होती हैं। जिसे व्यवहार में लाकर हम मजबूत इम्यून सिस्टम पा सकते हैं। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय परामर्श का एक पोस्टर जारी किया है। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि चमकी को मात देने में अंतर विभागीय समन्वय से किए गए काम की भूमिका भी निर्णायक रही है। जिलाधिकारी के आदेश पर एक-एक गांव को गोद लेकर जिस तरह से टीम बनाकर अधिकारियों और कर्मियों ने संकल्प से सिद्धि की राह चुनी है, उसकी गवाही सफलता के आंकड़े देते हैं। बानगी के तौर पर बोचहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले साल 24 बच्चे चमकी की चपेट में आ गए थे। वहीं इस साल अभी तक एक भी बच्चा इस बीमारी की जद में नहीं आया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया उनलोगों ने विभिन्न स्तरों पर चमकी बुखार से निपटने की तैयारी की। ऑडियो क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।