बोचहा प्रखंड के एम आर पी, सी एन आर पी और सी एम दीदियों को आज जीविका मोबाइल वाणी का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें दीदियों ने स्वागत गीत गाकर अपने उद्गार प्रकट किए।
बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से साजदा खातून मोबाइल वाणी के माध्यम से ये जानना चाहतीं है ,कि बच्चों को बार बार चमकी बुखार क्यों आता है,तजिक होने के बाद भी दोबारा क्यों होता है
बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के वंदराज पश्चिमी से रिंकू देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये जानना चाहतीं है, डेंगू मच्छर से होने वाली बीमारी की जानकारी चाहतीं हैं
बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के वंदराज पश्चिमी से गुड़िआ कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्वास्थ संबंधी ये जानना चाहतीं है ,कि चमकी बुखार के क्या लक्षण है
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कोरोना संक्रमण काल ने हमें रोग प्रतिरोधक क्षमता और उसे बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से युक्त आहार की जरूरत से पूरी तरह अवगत करा दिया है। इन पोषक तत्वों का महत्व गर्भवती और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ़ जैसी संस्थाओं के अनुसार विश्व में प्रतिदिन लगभग 810 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था या प्रसव के दौरान हो जाती है जिसका एक प्रमुख कारण उनमें पोषण की कमी है।
मुजफ्फरपुर : विभिन्न रंगों से रंगी रंगोली जहां पोषण के रंग को प्रदर्शित कर रही थी तो सही पोषण देश रोशन के नारे और पोषण संबंधी बातों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। मौका था समाहरणालय के सभागार से गुरुवार को पोषण जागरूकता रथ के रवानगी का। जिसे जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। जागरूकता रथ द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पोषण के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।
बिहार राज्य के जिला मुज्जफरपुर से कविता मोबाइल वाणी के माध्यम से चमकी बुखार के बारे में बता रही है कि अगर बच्चे को चमकी बुखार हो जाये तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिये कम्बल से ढख कर नहीं ले जाना चाहिए एवं मुँह ,आँख खुला रखना चाहिए।बच्चा अगर होश में है तो बच्चे को ओआरएस का घोल देना चाहिए। बेहोशी की हालत घोल नहीं देना है।
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बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मुजफ्फरपुर जिले में दस्त नियंत्रण पखवाड़ा और कृमि मुक्ति अभियान की शुरुआत हो गई है। इसका उद्घाटन जिला स्वास्थ्य समिति में बुधवार को सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह ने किया। उद्घाटन के मौके पर सिविल सर्जन डॉ सिंह ने कहा कि इस पखवाड़े का संचालन बच्चों और किशारों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किया गया हैं। यह पखवाड़ा 29 सितंबर तक चलेगा। मौके पर मौजूद तथा दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के नोडल सह जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एके पांडेय ने कहा कि दस्त पखवाड़ा का आयोजन डायरिया के मामलों को कम करने के लिए है। इस कार्यक्रम से 0 से 5 वर्ष के उम्र के बच्चे लाभांवित होंगे। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर सुनें।
