मोबाइल वाणी के माध्यम से एक बच्चे ने होली पर एक कविता प्रस्तुत किया है

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से अंकित कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे है कि चमकी बुखार से हाल बुरा है गाँव वालों का चमकी बुखार आने पर ओआरएस का घोल ना हो तो चीनी पानी का गल बच्चे को पिलाना चाहिए

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के जहानाबाद पंचायत से सीएनआरपी निर्मला यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रही है कि कोरोना बढ़ता जा रहा है इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए और मास्क लगा कर रहना चाहिए।

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के बलथी पंचायत से माया देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ओआरएस का घोल बनाने की जानकारी दे रही है कि साफ़ बर्तन में 1 लीटर पानी में ओआरएस का घोल बनाना चाहिए और 24 घंटे में इस्तेमाल कर लेना चाहिए।

बिहार राज्य के नजफरपुर जिला से अश्वद्धि मौसम सीएलएफ सीएनआरपी पद पर कार्य करती है ,मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बताना चाहतीं है कि बच्चे को चमकी बुखार आने पर डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए और बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए

संतोष कुमार मंडल की राय साथियों होली कि उत्सह के साथ रंग की उमंग दिखाई देते है। लेकिन साथियों समझना होगा । आगे सुनने की लिए ऑडियो किलिक करे।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

बिहार राज्य के मुज़फरपुर के मुशहरी प्रखंड से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से संगम सीएलएफ की अध्यक्ष आशा देवी से साक्षात्कार ले रहे है जिसमें आशा दीदी का कहना है कि जीविका मोबाइल वाणी एक अच्छा माध्यम है क्योकि इससे दीदी समाज में परिवर्तन ला सकती है तथा अपने परिवार को बचा सकती है। वह कहती है कि उन्हें मोबाइल वाणी से बहुत जानकारी मिली है जैसे अच्छे खान-पान के बारे में,साफ-सफाई के बारे में तथा किस तरह से बच्चे की देखभाल की जाती है। उनका कहना है कि मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार से बहुत बच्चे-बच्चियां जूझ रहे थे।फिर मोबाइल वाणी पर सुनकर दीदीयो को पता चला कि किस तरह से बच्चे पर ध्यान देना है तथा उस दौरान कैसा खान पान रखना है। इनके गाँव में बहुत ऐसी दीदी है जो जानकारी के अभाव में ओझा के पास चली जाती थी तथा किसी से भी दवाई लेकर खिला देती थी जिसकारण बीमारी और बढ़ जाता थी। लेकिन चर्चा करने के बाद दीदी के बच्चे अब बहुत स्वस्थ हैं। वही जो गर्भवती महिला है, धात्री महिला है तथा जो कुपोषित बच्चा है उसको किस तरह से स्वस्थ रखा जाए, किस तरह से उनको खान पान के बारे में बताया जाए यह भी जानकारी पीएनआरसी, एमआरपी दीदी तथा सीएम दीदी द्वारा दी जाती हैं। उसी आधार पर दीदियों द्वारा खान पान पर ध्यान दिया जाता है। वही वह खान पान के लेकर कहती है कि उनके घर में बच्चे खाने-पीने में ध्यान नहीं देते थे लेकिन मोबाइल वाणी पर जब बताया गया कि कम से कम सात समूह में से पांच समूह खाना चाहिए जिससे शरीर स्वस्थ रहेगा।फिर अब उसी आधार पर परिवार के सभी बच्चे के खान-पान पर ध्यान दे रही है। अब बच्चे को समझाने पर बच्चे भी धीरे-धीरे खाना शुरु कर दिए हैं जिससे उनके स्वास्थ्य में बदलाव आया है तथा खाने में भी रुचि जगी है। इस बात को वह अब अपने बगल की दीदी को भी बताती हैं और उसी अनुसार अब उनके आस पास की दीदियों के खान पान में भी बदलाव आया है ।