बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं,कि शौचालय का सीधा संबंध स्वच्छता, आधी आबादी की निजता, विकसित देश की पहचान और ऐसे कितनी ही उपमाओं के साथ जुड़ा है। इसकी महत्ता ऐसी कि पुरातन हड़प्पा और सिंधु घाटी सभ्यता में भी इसके साक्ष्य का पता चला है। आधुनिक युग में इसकी महत्ता इस बात से भी पता चलती है कि पर्यावरणविदों ने खुले में शौच करना पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से भी नुकसानदायक बताया है। तभी तो आमजनों को शौचालय के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नवंबर के 19 तारीख को विश्व शौचालय दिवस (वर्ल्ड ट्वायलेट डे) मनाया जाता है। जिसे खुली सोच से ही मात दिया जा सकता है।