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बिहरा राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से डॉक्टर संभु प्रसाद मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मेरी आवाज मेरी पहचान पर बचपन मनाओ बढ़ते जाओ कार्यक्रम को सुना है। इस कार्यक्रम में बच्चों को आत्म निर्भर बनाने के लिए सब से अच्छा काम ये है कि उनसे छोटे छोटे काम करवाए जाये। जैसे जब माँ रसोई घर में है तब वे अपने बच्चे को बोल सकती है कि बेटा पानी लाओ नमक लाओ हल्दी लाओ इससे बच्चे को पता भी चल जायेगा की रसोई के सामान कहाँ कहाँ पर है और उन चीजों का रंग कैसा है। जैसे की हल्दी पीली होती है नमक सफ़ेद होता है कच्ची मिर्च हरी और पक्की मिर्च लाल होती है इन सब चीज़ों का घ्यान खेल खेल में हो जायेगा।
बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से शम्भू प्रसाद मपबिले वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उनको बचपन मनाओ बढ़ते जाओ कार्यक्रम सुनकर अच्छा लगा
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बिहार राज्य के नालंदा जिले से शभु शरण प्रसाद मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं की जो कहानी मोबाइल वाणी पर चलता है वो बहुत अच्छा लगता है सुनने में लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें
बिहर राज्य के जिला नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी रहे है कि प्रस्तुति भी बहुत अच्छी है क्योंकि बच्चे की प्रतिक्रिया कोहनी हर चीज की नकल करने के लिए होती है जिसका अर्थ है कभी - कभी बंदर की नकल करना कभी - कभी यह नकल और वह । उसके माता - पिता भी मेरे जैसा ही व्यवहार कर रहे हैं , इसलिए अगर हम भी इससे सीखें तो अपने बच्चों को भी वैसा ही तैयार करें जैसे वे कभी बंदर बन जाएं । पहले यह माना जाता था कि बुजुर्ग लोग भी कराहते थे , पहले वे घोड़े बन जाते थे जो मेरे घोड़ों या टिक - टक को बच्चों का मनोरंजन करने देते थे । अब समय आ गया है जब हम बच्चों के विकास तक बच्चों को खेल और खेलों में पढ़ाएंगे । क्योंकि आज मन में इतनी मजबूरी है , बच्चों के साथ भी , इसका मतलब है कि अभिभावक इतनी गतिविधि रखते हैं , यानी जब बच्चा तीन साल का हो जाता है , तो वे उसे दिमाग तक पहुंचाते हैं । कीट आदि , और कीट , वह पहले गेम गेम में पढ़ाते थे , लेकिन अब वह धीरे - धीरे कोर्स शुरू करते हैं क्योंकि गार्जियन भी चाहता है कि बच्चों को जोड़े हुए दो साल हो गए हों और बच्चा विकसित हो गया हो , तो हम में से भी इस कहानी से थोड़ा सा अगर आप इस विषय के बारे में सोचेंगे तो बहुत अच्छा विकास होगा , अधिक विकास होगा और हमारा मनोरंजन भी होगा जैसे आज हर अभिभावक तनाव में रहता है ।
