बिहार राज्य के नालंदा जिला के हरनौत प्रखंड से सुषमा देवी, मेरी आवाज मेरी पहचान मोबाइल वाणी के माध्यम कहती हैं कि जब बच्चे की उम्र 3 साल हो जाये, तो बच्चे का नाम आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत करा देना चाहिए। ताकि बच्चे को आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सभी सुविधाएँ मिल सके। वे कहती हैं कि जब बच्चे की उम्र 6 साल हो जाती है तब आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता स्वयं माता-पिता के साथ जाती हैं और बच्चों का नामांकन स्कूल कराती हैं।
