मेरा नाम विकास कुमार चंडीगढ़ से बोल रहा हूँ। हमें कैसे मजदूर कार्ड श्रमिक कार्ड कैसे मिलेगा ?

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दिल्ली एनसीआर से मोहम्मद शाहनवाज ने श्रमिक वाणी के माध्यम से जुबेर से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने 19/08/2024 को श्रमिक वाणी पर एक खबर प्रकाशित करवाई थी जिसमे बताया था कि उन्हें 2 महीने से सैलरी नहीं मिल रही थी जिसके कारण काफी परेशानी हो रही थी। इस खबर के प्रकाशन के बाद हमारे संवाददाता ने संज्ञान पर लिया और इस समस्या को वाट्सएप समूह फेसबुक और फैक्ट्री के मैनेजर एच आर व फोरमैन के साथ साझा किया जिसके बाद जुबैर के खाते में उनकी तनख्वाह आ गई है साथ ही उन्हें शिकायत करने से मना किया गया । तनख्वाह मिलने से जुबेर खुश हैं और मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे ।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत सुरेश से हुई. बातचीत में सुरेश ने बताया कि वे सिलाई फैक्ट्री में काम हैं टोनीका सिटी में उनकी कंपनी में लेडिस टॉप बनते हैं और उनकी तनखाह 16000 रुपए है हर महीने ढाई हजार रुपए महीना पीएफ कटता है मगर उन्हें 10 महीने से पिएफ नहीं मिल रहा था ,इ एस आई कार्ड भी नहीं बना था। इसके बाद इन्होने श्रमिक वाणी पर 20/08/2024 को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मोबाइल वाणी के संवाददाता ने इस खबर को प्रमुखता से लिया और वाट्सप ग्रुप ,फेसबुक ग्रुप और कम्पनी के मैनेजर से भी साझा किया। जिसके बाद खबर का असर हुआ और सुरेश को एच आर ने कम्प्लेन करने से मना किया और इ एस आई कार्ड भी बना देंगे साथ ही दो महीने का पीएफ उनके खाते में आ गया है। जिसके बाद सुरेश श्रमिक वाणी का धन्यवाद कर रहे हैं।

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दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से मोहम्मद शाहनवाज की बातचीत नरेश कुमार सेन से हुई नरेश जी बताते हैं महंगाई चरण सीमाओं पर है दाल सब्जियां सब चीज महंगी है गरीब आदमी अपना पालन पोषण कैसे करें अगर नौकरियों की बात करें तो नौकरियां भी नहीं है देश के अंदर बेरोजगारी बहुत ज्यादा है बढ़ चुकी है

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से मोहम्मद शाहनवाज की बातचीत गौरीशंकर शर्मा एडवोकेट सभी शर्मा जी बताते हैं 21 अगस्त 2024 के भारत बंद के दौरान कई ऐसी पार्टी हैं जिन्होंने भारत बंद का ऐलान किया था और कहीं-कहीं सफल भी हुआ उन्होंने बताया कोट के अंदर कोटा बिल्कुल सही निर्णय है

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत सरिता से हुई सरिता बताती हैंकरावल नगर इंडस्ट्रियल एरिया में खिलौना फैक्ट्री में काम करती हूं लेडीज वर्कों को हो रही है बहुत ज्यादा परेशानी फैक्ट्री के अंदर एक ही टॉयलेट है उसी में जेंट्स और लेडिस जाते हैं कैमरे की सुविधा नहीं है लेडिस और जेंट्स एक ही जगह बैठकर काम करते हैं जब के लेडिस का केबिन अलग होना चाहिए कई महिलाएं इसी कारण काम छोड़ गई हैं टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी नहीं देते हैं इसके कारण बहुत ज्यादा परेशानी होती है काम नहीं होने की वजह से मजबूरी में हमें इन फैक्ट्री में काम करना पड़ता है