दिल्ली एनसीआर के मानेसर से साकेत जी श्रमिक वाणी के माध्यम से एक मज़दूर से बात कर रहें हैं। इनका कहना है की इन्हें कंपनी में वेतन स्लिप नहीं मिलता है। जब ये ठेकेदार से मांगते हैं तो ठेकेदार कहता है की तुम्हें पैसे से मतलब है न तो स्लिप का क्या करोगे। और एचआर से कहने के पर कहता है की ये हमारा मामला नहीं है। ठेकेदार समझेगा। ऐसे में मज़दूर का कितना वेतन कट रहा है इसकी जानकारी नहीं मिल पाती है। इनका कहना है की सभी मज़दूरों को सैलरी स्लिप मिलनी चाहिए
