दिल्ली एनसीआर के कासन से साकेत जी, श्रमिक वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से बात कर रहें हैं। इनका नाम संतोष है। इनका कहना है की ये कंपनी में पांच साल से काम कर रहें हैं लेकिन इनकी वेतन नहीं बढ़ रहा है। और महंगाई इतनी है की जो भी कमाते हैं उसमें आधा से ज़्यादा पैसा ख़त्म हो जाता है
