दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजकुमार यादव से हुई। राजकुमार बताते है कि कंपनी में ठेकेदारी प्रथा गलत है। इन्होने एक ठेकेदार के माध्यम से काम किया लेकिन उन्होंने उनका पीएफ नहीं जमा करते है। 18 हज़ार रूपए वेतन है तो ठेकेदार पीएफ का पैसा काटने का बात कह कर केवल 16 हज़ार देते है। वहीं कंपनी के बताए अनुसार ठेकेदार वेतन के मामले में श्रमिकों को सही जानकारी नहीं देती है। कंपनी में श्रमिकों की सीधी भर्ती होनी चाहिए। पीएफ के मामले में बहुत धोखाधड़ी होती है। श्रमिकों को बहुत समस्या होती है
