दिल्ली एनसीआर से मनीष कुमार पांडेय श्रमिक वाणी के माध्यम से एक मज़दूर से बात कर रहें हैं। बबलू का कहना है कि, ये प्यार ऑटो में काम कर रहे थे वहाँ से पंद्रह दिनों का पैसा नहीं दिया गया। तथा करवाई करने के बाद भी किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई है