दिल्ली से हस्मत अली ने श्रमिक वाणी के माध्यम से खुर्शीद अहमद से बातचीत किया। बातचीत के दौरान खुर्शीद ने बताया की, इनकी बेटी को घर बैठे काम करने का मैसेज व्हाट्सप्प पर आया और उससे कहा गया की आप घर बैठे बस आपको लाइक और सब्सक्राइब करना है। इस काम के उन्हें 100 रूपए दिया गया और अगली बार 150 रूपए दिया गया । फिर कंपनी के द्वारा कहा गया की यहा काम करने के लिए आपको ऑर्डर पूरा करना है तो आप कंपनी को 1000 रूपए भेजिए और 15 मिनट के बाद आपके बैंक खाते में 1,300 वापस किया जाएगा। ऐसा करने के कंपनी ने उन्हें अपनी जाल में फसा लिया। फिर दोबार इनसे 5,000 रूपए का डिमांड किया गया और ये कहा गया की काम पूरा होने के बाद आपको 6 हज़ार 500 रूपए वापस किया जाएगा। लेकिन कंपनी के द्वारा एक भी पैसा वापस नहीं किया गया और दोबारा इनसे ये कहा गया की आपको एक बार और ऑर्डर पूरा करना है इसके लिए आपको 5 हज़ार रूपए और भेजना होगा। काम पूरा होने के बाद आपको पूरी रकम से 3 हज़ार रूपए ज्यादा दिया जाएगा जो की 13 हज़ार रूपए होते है। कंपनी के द्वारा इन्हे 13 हज़ार रूपए वापस भी किया गया और ऐसे कर के उन लोगो ने श्रोता को पूरी तरह से अपने जाल में फसा लिया। श्रोता को पूरी तरह से कंपनी पर भरोसा हो गया था की यहा मेरे पैसे डूबेंगे नहीं। फिर उन लोगो ने इनसे 1 लाख रूपए का डिमांड किया और श्रोता ने उन्हें 1 लाख रूपए भेज दिया, पैसे मिलने के बाद कंपनी के द्वारा इन्हे जानकरी दिया गया आपको और ज्यादा काम करना है और आपको कंपनी के द्वारा और ज्यादा पैसे मिलेंगे इसके लिए आप हमें 3 लाख रुपए और भेजिए। ऐसे कर के श्रोता ने उन्हें 4 लाख 15 हज़ार रूपए भेजा। लेकिन पैसे मिलने के बाद ना तो कंपनी के द्वारा इनकी मैसेज का जवाब दिया जा रहा है और ना ही इन्हे इनके पैसे वापस मिल रहे है
