सुनिए मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की पूरी कविता जिसे बोलकर संसद में वाह वाही तो खूब लूटी लेकिन ये कविता तो मौजूदा सरकार की ही मुंह बंद करता दिखता है, यह कविता का मूल अंश तो विपक्ष की सत्ता मजबूत करता दिखता है, आप भी सुनिए और खूब बोलिए क्योंकि "बोलेंगे तो ही बदलेगा"