दिल्ली से अस्मा खान श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहती है की, नेताओं को आम जनता की बात सुननी चाहिए। जनता नेता को चुनती है ताकि वो उनकी समस्या को दूर कर सके। लेकिन जनता को सिर्फ निराशा ही मिलती है