हस्मत अली श्रमिक वाणी के माध्यम से मज़हर अली से बात कर रहें हैं इनका कहना है कि, कोरोना के पिछले काल में वे लोगों की मौत हुई जो की पहले से बीमार थे या कुछ हॉस्पिटल में दाखिल थे लेकिन कोरोना काल में हॉस्पिटल में दाखिल वालों को घर वापस भेज दिया गया था तथा ऐसे लोगों को सही से इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हुई, इसी में इनकी माता जी भी थी जिन्हें कोरोना काल में हॉस्पिटल से घर भेज दिया गया था. इनका कहना है की अगर उन्हें सही इलाज मिलता तो शायद कुछ महीना और जी लेते।इसके साथ ये भी कह रहें हैं की दिल्ली में इतनी गर्मी है की ऐसे ही सांस लेना मुश्किल हो रही है तो लोग मास्क लगा कर सांस कैसे ले सकते हैं. तथा इनका कहना है की ये ऑटो ड्राइवर हैं तथा इन्होने हज़ारों कोरोना मरीज़ों को हॉस्पिटल पहुंचाया है इसके बावजूद ये तंदरुस्त हैं.