दिल्ली एनसीआर से नज़मा साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से फरज़ाना से बातचीत कर रही है। फरज़ाना का कहना है कि वो मजदूरी का काम करती है तथा उन्हें दिल्ली आए हुवे 10 साल हो गया है। बता रही है कि उन्हें सरकार के तरफ से राशन नहीं मिलता है जिसकी वजह से उन्हें राशन बाहर से खरीद कर खाना पड़ता है। आगे कह रही है कि राशन कार्ड के लिए उन्होंने 4 साल पहले अप्लाई किया था पर अबतक उनका कार्ड नहीं बन पाया है
